मध्यप्रदेश का राजगढ़ जिला संभवतः पिछड़े जिले से विकसित जिले की ओर बढ़ रहा है। लेकिन जिले के कुछ शहर आज भी गंदगी और सड़कों पर बहते हुए जल से प्रभावित हैं, जिसका सीधा उदाहरण ब्यावरा शहर के विभिन्न मोहल्ले में आसानी से देखने को मिलता है। जहां की सड़कें सिर्फ बारिश में ही नहीं, बल्कि 12 महीने ही गीली रहती हैं, जिसका कारण है नलों से बहाया जाने वाला गंदा पानी, जिसकी भनक नगर पालिका को भी है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है।
दरअसल, मामला है ब्यावरा शहर के वार्ड क्रमांक 16 का। जहां निवास करने वाले स्थानीय लोग बेसब्री से सप्ताह में एक या दो बार चलने वाले नल का इंतजार करते हैं और नल चलने के बाद ही सड़कों के गीला होने का पूरा खेल शुरू होता है, जिसकी वजह है नलों से आने वाला बदबूदार और गंदा पानी जो न तो पीने लायक होता है और न ही कपड़े धोने लायक। आपको बता दें, जिस वार्ड की हम बात कर रहे हैं, वहां से नगर पालिका अध्यक्ष का निवास महज कुछ दूरी पर ही है। ऐसे में वे भी इस बात से अनजान हैं और उनका कहना है कि अभी तक उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई।
मामले में स्थानीय रहवासी हुसैन अंसारी का कहना है कि जब भी नल चलते हैं, 15 मिनट तक यही माजरा होता है। नलों से गंदा और बदबूदार पानी आता है, उसे बहाना ही पड़ता है और कभी-कभी तो केवल दस मिनट के लिए ही साफ पानी मिल पाता है और नल बंद हो जाते हैं। पानी ही नहीं मिल पाता, जो नल खोलने के लिए आते हैं, उन्हें अवगत कराया है। लेकिन वे हर बार यही कहते हैं कि अब आ जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होता।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन कुशवाह का कहना है कि फिलहाल ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। न ही कोई शिकायत आई है, फिर भी यदि ऐसा है तो वीडियो आप मुझे भी भेजिए में दिखवा लेता हूं। नगरपालिका सीएमओ प्रभारी भाटी का कहना है कि मैं उक्त मामले को लेकर जल प्रभारी से बात करता हूं और उनके संज्ञान में लाकर दिखवाता हूं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
गौरतलब है कि गंदे पानी और नल के समय पर न चलने के कारण कई स्थानीय निवासी अपने स्वयं के खर्च पर बोर लगवा चुके हैं। लेकिन बोर का खर्च वहन करना ये सभी के लिए संभव नहीं है। ऐसे में हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने की योजना का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा 18 वार्ड की जिले की सबसे बढ़ी नगर पालिका से ही लगाया जा सकता है। जो की राज्यमंत्री के गृह क्षेत्र की विधानसभा का हिस्सा है, जहां न स्वच्छता का अता-पता है और न स्वच्छ जल का।