सार
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स और U-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पदक जीतकर राजस्थान के खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाया। गोल्ड विजेता अरुंधति चौधरी, ब्रॉन्ज विजेता यशवीर सिंह और सिल्वर विजेता संध्या बिश्नोई का सम्मान किया गया।
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के बाद देशभर में पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले तीन खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। इनमें ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक जीतने वाली अरुंधति चौधरी, जैवलिन थ्रो में कांस्य पदक विजेता यशवीर सिंह और U-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2026 की 46 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली संध्या बिश्नोई शामिल रहीं।
क्या बोलीं संध्या बिश्नोई?
सम्मान समारोह के दौरान संध्या बिश्नोई ने कहा कि रजत पदक जीतकर उन्हें बेहद खुशी है। उनका अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता और कोच के निरंतर सहयोग को दिया।
क्या बोले यशवीर सिंह?
कॉमनवेल्थ गेम्स में जैवलिन थ्रो का कांस्य पदक जीतने वाले यशवीर सिंह ने कहा कि खेलों में सफलता के लिए अनुशासन और कोच की सलाह का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से खेलों में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि खेलों में उज्ज्वल भविष्य है। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने अब ओलंपिक की तैयारी भी शुरू कर दी है।
क्या बोलीं अरुंधति चौधरी?
कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने कहा कि उन्हें अपनी उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनमें संघर्ष करने का जज़्बा था, जिसे उनके पिता ने सही दिशा दी और बॉक्सिंग से परिचित कराया। अरुंधति ने विश्वास जताया कि उनका स्वर्ण पदक राजस्थान के बच्चों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।