भोपाल रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक पशुबाड़े में रखी रेल की पटरियों के ढेर से एक कुतिया (डॉगी) और उसके दो नवजात पिल्लों को रेलवे दल ने बचाया। तीनों बेजुबानों को बचाने का यह अभियान करीब छह घंटों तक चला। यह कुतिया डॉगी थी और रेल की पटरियों के ढेर में फंस गई थी, इसके बाद वहां पर उसने चार पिल्लों को जन्म दिया जिनमें से दो ही जीवित मिले।
अभियान के निरीक्षक पश्चिम-मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर ने बताया, ‘हमें एनजीओ ‘पीपुल्स फॉर एनिमल्स’ से शनिवार शाम को सूचना मिली थी कि रेल की पटरियों के ढेर में एक गर्भवती डॉगी फंसी हुई है। इसके बाद रेलवे के बचाव दल ने कल रात को ही स्टॉकयार्ड में रखे हुए करीब 250 रेल की पटरियों को हटाया और रात के करीब ढाई बजे इस डॉगी और उसके दो पिल्लों को बचाया।’
उन्होंने कहा कि हमें डॉगी के दो पिल्ले मरे हुए मिले या हो सकता है कि वे मरे हुए ही पैदा हुए हों। साथ ही उन्होंने बताया कि बचाव अभियान के बाद ‘पीपुल्स फॉर एनिमल्स’ एनजीओ के कार्यकर्ता इस डॉगी और उसके दो पिल्लों को मेडिकल जांच के लिए ले गए।