प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन मध्य प्रदेश के इंदौर में रविवार, 8 जनवरी से शुरू हो रहा है। वर्ष 2019 के बाद कोरोना महामारी के चलते पहली बार सम्मेलन भौतिक रूप से हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 9 जनवरी को 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार, 10 जनवरी को इसका समापन करेंगी। राष्ट्रपति समापन सत्र में प्रवासी भारतीयों को सम्मानित भी करेंगी।
सम्मेलन में 70 देशों से 3500 से अधिक सदस्य हिस्सा लेंगे
‘प्रवासी : अमृत काल में भारत की प्रगति के विश्वसनीय भागीदार’ की थीम के तहत हो रहे तीन दिवसीय सम्मेलन में 70 देशों से 3500 से अधिक सदस्य हिस्सा लेंगे। सम्मेलन के पहले दिन गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली, सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी, ऑस्ट्रेलिया की सांसद जेनेटा मैस्करेनहास शामिल होंगे। विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को उद्घाटन संबोधन देंगे। प्रवासी भारतीय दिवस हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 में इसे मनाने की घोषणा की थी। यह दिन महात्मा गांधी की भारत वापसी का प्रतीक है। महात्मा गांधी वर्ष 1915 में दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लौटे थे। 2015 के बाद से यह हर दूसरे साल मनाया जाता है।
सम्मेलन में शिरकत करने कई अतिथि पहुंचे
सम्मेलन में शिरकत करने वाले अतिथि लगभग पहुंच चुके हैं। शनिवार को कई मेहमान इंदौर पहुंचे। इनमें सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी भी शामिल हैं। सम्मलेन के लिए 10 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के तुरंत बाद 11 जनवरी से ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, दोनों आयोजन आठ से 12 जनवरी तक होंगे।
गुयाना के राष्ट्रपति भी भारत पहुंचे
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में शामिल होने के लिए गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली रविवार को भारत पहुंचे। वह सुबह साढ़े दस बजे इंदौर के लिए रवाना होंगे। आठ से 10 जनवरी तक अपनी भारत यात्रा के दौरान वह दिल्ली, इंदौर, बेंगलुरु, कानपुर, आगरा और मुंबई सहित कुल छह शहरों की भी यात्रा करेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इंदौर में होने वाले 17वें प्रवासी भारतीय दिवस के मुख्य अतिथि मोहम्मद इरफान अली ही है।
बीते दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सम्मेलन का इंतजाम चाक-चौबंद होना चाहिए। इसके लिए अब इंदौर शहर सज-धजकर पूरी तरह से तैयार हो गया है। 8 से 10 जनवरी तक होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रवासी भारतीयों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। इस दौरान सीएम ने कहा, मध्य प्रदेश के 8 करोड़ लोगों की ओर से मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।
एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक कलाकृतियों के साथ ही दीवारों को कैनवास बना दिया गया है। दीवारों पर खूबसूरत पेटिंग की गई हैं। सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों को इंदौर की संस्कृति से रू-ब-रू करवाने के लिए हर मुमकिन प्रयास किया जा रहा है। इसे लेकर सीएम शिवराज चौहान ने ट्वीट भी किया।
सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेशन सेंटर में यह सम्मलेन आयोजित हो रहा है। यहां सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। यहां सिर्फ पासधारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इन दिनों में यहां आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रवासी भारतीयों के शहर पहुंचने से पहले ही विभिन्न लोगों को विशेष स्तर पर प्रशिक्षण दिए गए थे, ताकि वे शहर में आने वाले मेहमानों से दुर्व्यवहार न करें। मेहमानों को इंदौर में आकर अपनेपन का अहसास हो।
3500 से अधिक प्रवासी सदस्यों का पंजीकरण
इस बार इस सम्मेलन का विषय 'प्रवासी: अमृत काल में भारत की प्रगति में विश्वसनीय भागीदार' रखा गया है। सम्मलेन में अब तक लगभग 70 विभिन्न देशों के 3 हजार 500 से अधिक प्रवासी सदस्यों ने पंजीकरण कराया है।
सम्मेलन तीन खंडों में होगा। आठ जनवरी को युवा प्रवासी भारतीय दिवस का उद्घाटन युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ साझेदारी में होगा। युवा प्रवासी भारतीय दिवस पर ऑस्ट्रेलिया की सांसद जनेटा मैस्करेनहास सम्मानीय अतिथि होंगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नौ जनवरी 2023 को सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे और गुयाना सहकारी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली मुख्य अतिथि और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी विशेष सम्मानित अतिथि के रूप में सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
राष्ट्रपति देंगी पुरस्कार
10 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार 2023 प्रदान करेंगी और समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी। प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार चुनिंदा भारतीय प्रवासी सदस्यों को उनकी उपलब्धियों को पहचानने और विभिन्न क्षेत्रों में, भारत और विदेश दोनों में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए प्रदान किए जाते हैं।
- पहला सत्र युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में नवाचारों और नई प्रौद्योगिकियों में प्रवासी युवाओं की भूमिका पर होगा।
- दूसरा पूर्ण सत्र अमृत काल में भारतीय हेल्थकेयर इको-सिस्टम को बढ़ावा देने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका: विजन @ 2047’ पर होगा, जिसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में और विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह की सह-अध्यक्षता में होगा।
- तीसरा पूर्ण सत्र विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी की अध्यक्षता में भारत की नरम शक्ति का लाभ उठाना–शिल्प, व्यंजन और रचनात्मकता के माध्यम से सद्भावना पर होगा।
- चौथा पूर्ण सत्र शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना–भारतीय डायस्पोरा की भूमिका पर होगा।
- पांचवा पूर्ण सत्र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी उद्यमियों की क्षमता का दोहन पर होगा।