पूर्व मंत्री और विधायक पीसी शर्मा
- फोटो : Facebook
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारी में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दल जुट गए हैं। कांग्रेस ने अपनी 15 माह की सरकार के काम गिना कर शिवराज सरकार पर झूठा श्रेय लेने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस सरकार में धर्मस्व विभाग के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि उज्जैन के महाकाल मंदिर कॉरिडोर के निर्माण का खाका कमलनाथ सरकार में तैयार हुआ था। कमलनाथ सरकार ने ही कॉरिडोर के लिए 350 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान सरकार श्रेय लेने की होड़ में इतने नीचे चली गई कि भगवान के नाम पर भी झूठ बोलने से पीछे नहीं हट रही।
शर्मा ने कहा कि महाकाल मंदिर के विस्तार की योजना व घोषणा सबसे पहले कमलनाथ ने की। 27 सितंबर 2019 विश्व पर्यटन दिवस के दिन इसकी घोषणा की गई। बाबा महाकाल के मंदिर के कॉरिडोर के भवन निर्माण के लिए 350 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार में ही धार्मिक स्थलों के विकास के लिए सज्जन सिंह वर्मा, जयवर्धन सिंह और मेरी सदस्यता में मंत्री स्तरीय समिति का गठन किया गया था। शर्मा ने कहा कि ओम सर्किट बनाने की घोषणा भी उसी दिन की गई। नर्मदा नदी के दोनों ओर घाटों के विस्तार की योजना भी कमलनाथ की सरकार ने ही तैयार की थी।
ओंकारेश्वर, इंदौर और उज्जैन को पर्यटन की दृष्टि से जोड़ने का विजन कमलनाथ सरकार की देन है। मोरटक्का से ओंकारेश्वर 12 किमी रोड फोरलेन किया जाना प्रस्तावित था। शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता के लालच में इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए कि भगवान के नाम पर भी झूठ बोलने लगे। पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा मानसिकता के लोग भगवान के नाम पर चंदा चोरी कर सकते हैं, लेकिन भगवान की सच्ची सेवा कमलनाथ जैसा हनुमान भक्त मुख्यमंत्री ही कर सकता है।