मध्य प्रदेश की राजनीति में अब गांजे की एंट्री हो गई है। दरअसल दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि गांजे को शिव बूटी बताकर धर्म से जोड़ा जा रहा है। इस पर भाजपा नेता डॉ. हितेश वाजपेयी ने कहा कि आपने ईद पर मुसलमानों को खुश करने के लिए यह बयान दिया होगा।
विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि गांजे को शिव बूटी का नाम देकर दुर्भाग्यवश धर्म से जोड़ा जा रहा है। यही कारण है कि इसका सेवन अत्यधिक बढ़ता जा रहा है, जिससे युवा बर्बाद हो रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार शिव जी ने अमृत मंथन में निकला विष पीया था, गांजा नहीं। इस पर भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी ने लक्ष्मण सिंह के तर्क को गलत बताते हुए कहा कि गांजे में दो तरह के रसायन होते हैं। एक टेंट्रहाइड्रोकेनाबिनॉल यानी टीएचसी और कैनाबिडॉल यानी सीबीडी। गांजे में नशा टीएचसी की मौजूदगी के कारण होता है। कैनाबिडॉन में नशे का कोई गुण नहीं होता है और इसके इस्तेमाल से किसी को नशे की लत नहीं लगती है।
डॉ. वाजपेयी ने लक्ष्मण सिंह को लिखा कि आपको शिवभक्ति के अपमान का कोई अधिकार नहीं है। आपने ईद पर मुसलमानों को खुश करने के लिए यह बयान दिया होगा, परंतु यह घोर निदंनीय है। क्या विश्व के समस्त नशेड़ी शिव जी के उपासक ही हैं?