दिवंगत पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए थाने का स्टाफ
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गुना में शहीद हुए पुलिस जवानों को पूरा पुलिस महकमा श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है। हर पुलिसकर्मी की आंख नम है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा है कि गुना की घटना से मैं बैचेन हूं। इधर इस घटना में शहीद हुए एसआई राजकुमार जाटव इंदौर में पदस्थ रह चुके हैं। इंदौर में पुलिसकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जानकारी के मुताबिक गुना में शनिवार को शिकारियों के हमले में एसआई जाटव समेत आरक्षक नीरज भार्गव व संतराम मीणा शहीद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई कर आरोपियों का एनकाउंटर किया। घटना के बाद से ही पुलिस महकमे की आंखें नम है और अपने साथियों को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं। शहीद एसआई राजकुमार जाटव इंदौर के तुकोगंज थाने में वर्ष 2016 से 2019 तक पदस्थ थे। उनके वीरगति के प्राप्त होने की घटना के बाद थाने के स्टाफ ने जाटव सहित दोनों दिवंगत आरक्षकों के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जिन पुलिस अधिकारियों ने दिवंगत एसआई व आरक्षकों के साथ काम किया था वे भी सोशल मीडिया के माध्यम से उनके साथ बिताए समय को याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
बता दें कि गुना के आरोन थाना क्षेत्र में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को पुलिस और शिकारियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। शुक्रवार रात शिकारियों ने मौनवाड़ा के जंगल में काले हिरण का शिकार किया था। सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर रवाना हुए। पुलिसकर्मियों ने दो-तीन शिकारियों को तो पकड़ लिया। इसी दौरान पीछे से कुछ शिकारियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें एसआई जाटव, आरक्षक भार्गव और मीणा की मौत हो गई थी। बाद में सरकार ने सख्त एक्शन लिया। जवाबी कार्रवाई कर शनिवार रात पुलिस टीम ने शिकारियों पर कार्रवाई करते हुए तीसरे और चौथे आरोपी को भी ढेर कर दिया। वहीं इससे पहले पुलिस ने मुठभेड़ के मुख्य आरोपी शहजाद को मार गिराया था, वहीं, शिकारी नौशाद शनिवार को ही मुठभेड़ में मारा गया था। शनिवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में शामिल चारों आरोपियों को मारे जाने की खबर है, हालांकि फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।