मकर संक्रांति पर्व पास आते ही पतंगबाजी के शौकीनों को सावधान रहने की जरूरत है। इस वर्ष पुलिस प्रशासन चायना डोर के विक्रय से लेकर इसके उपयोग को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पतंगबाजी पर ड्रोन से निगाह रखने के साथ पुलिस छत पर जाकर चायना डोर का उपयोग करने वालों की धरपकड़ कर रही है। साथ ही ऐसे लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं।
एसपी सत्येंद्र शुक्ल के अनुसार शहर के महाकाल एवं नीलगंगा थाना प्रभारियों ने क्षेत्रों में छतों पर जाकर जांच करने के बाद 12 लोगों के खिलाफ प्रतिबंध के बावजूद चायना डोर से पतंग उड़ाने के प्रकरण दर्ज किए हैं। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से इसका विक्रय किया जा रहा है। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
उज्जैन पहला शहर जहां चायना डोर से पतंग उड़ाने पर वालों पर हो रही एफआईआर
उज्जैन मध्य प्रदेश का पहला शहर है जहां कलेक्टर आशीष सिंह के द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर चायना डोर बेचने वाले दो लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनके घर भी तोड़े जा चुके हैं। चायना डोर बेचने वालों के खिलाफ मुहिम चलाने के साथ एसपी के निर्देश पर पूरे जिले के थाना प्रभारियों को निर्देश हैं कि ड्रोन से पतंगबाजी के क्षेत्रों पर ध्यान रखें। साथ ही घरों की छत पर जाकर जांच करें। जो भी चायना डोर का उपयोग करते दिखे, उसके खिलाफ मामला दर्ज करें। इधर, लोगों से अपील की है कि कोई चायना डोर से पतंग उड़ाते दिखे तो सूचित करे। संबंधित का नाम गोपनीय रखा जाएगा। वहीं, आरोपी यदि बच्चा हुआ तो उसके पिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
धारा-188 के तहत लगा है प्रतिबंध
उज्जैन में गत वर्ष एक युवती की चायना डोर से गला कटने पर मौत हो गई थी। इस वर्ष भी घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसे देखते हुए कलेक्टर ने धारा-188 के तहत चायना डोर खरीदना/बेचना और चायना डोर से पतंग उड़ाना प्रतिबंधित कर दिया है।