रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस का न्याय आंदोलन गुरुवार को भी जारी रहा। आंदोलन के दौरान आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और अन्य कांग्रेस नेता बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ कल्पना मिश्रा के पिता से मुलाकात करने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।
पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस ने विक्रांत भूरिया समेत कई कांग्रेस विधायकों और नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अपनी गिरफ्तारी दी। पुलिस कार्रवाई के बाद विक्रांत भूरिया ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब इस्तीफा रीवा से नहीं, बल्कि भोपाल से मांगा जाएगा।
न्याय आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार जिम्मेदारी तय करने से बच रही है। पटवारी ने रीवा और बालाघाट में हुई मौतों का हवाला देते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं और लोगों की जान जा रही है, तो इसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।