ओंकारेश्वर के गौमुख घाट पर युवक डूब गया।
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नर्मदा तट पर बुधवार को एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। राजस्थान के सालासर निवासी महावीर कुमार (28) अपने माता-पिता, पत्नी और साथियों के साथ भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन एवं नर्मदा स्नान के लिए आए थे। गोमुख घाट पर स्नान के दौरान महावीर कुमार और उनके साथी सियाराम गहरे पानी में चले गए। दोनों को डूबता देख घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नाविक लक्ष्मण वर्मा और दिलीप जुलवारिया ने नाव लेकर नदी में छलांग लगाई और सियाराम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन महावीर कुमार तब तक गहरे पानी में समा चुके थे।
घटना की सूचना मिलते ही मांधाता थाना पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों ने काफी देर तक तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद महावीर कुमार का शव नदी से बाहर निकाला गया। जैसे ही शव घाट पर लाया गया, वहां का दृश्य अत्यंत मार्मिक हो गया। माता-पिता और पत्नी का करुण विलाप सुनकर घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें भी भर आईं। परिजन बार-बार उन्हें उठाने का प्रयास करते रहे।
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मांधाता थाना के एएसआई मनोज सिटोले ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों से चर्चा के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर ओंकारेश्वर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ समय से नर्मदा के विभिन्न घाटों पर डूबने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंग और तीर्थस्थल होने के बावजूद कई घाटों पर पर्याप्त लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित लाइफगार्ड, चेतावनी संकेत, सुरक्षा बैरिकेड और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था का अभाव दिखाई देता है।