ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में विवाद हो गया।
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मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के गर्भगृह में विवाद हो गया। धक्कामुक्की की बात पर विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। महिला श्रद्धालु ने मंदिर के सुरक्षाकर्मी से मारपीट की है। इसका वीडियो वायरल हो रहा है। कर्मचारी ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में की है। फिलहाल ओंकारेश्वर की मांधाता थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक ओंकारेश्वर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन ओंकारेश्वर मंदिर के गर्भगृह और मंदिर परिसर में जगह की कमी के कारण श्रद्धालुओं को धक्कामुक्की और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस कारण कई बार तीर्थ यात्रियों और मंदिर ट्रस्ट के सुरक्षा कर्मियों के बीच वाद-विवाद की स्थिति बन रही है। रविवार को भी दर्शन के दौरान तीर्थयात्रियों ने एक सुरक्षाकर्मी की पिटाई कर दी। तीर्थयात्रियों का कहना था कि सुरक्षाकर्मी ने हमारे साथ दर्शन के लिए आई वृद्ध महिला के साथ धक्कामुक्की की। बताया जा रहा कि वहां मौजूद भीड़ नियंत्रण में लगे मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी को महाराष्ट्र से दर्शन हेतु आए एक परिवार ने पीट दिया। वहीं मंदिर ट्रस्ट के मंदिर प्रबंधन के सीईओ अशोक महाजन का कहना है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंदिर प्रांगण में तीर्थ यात्रियों द्वारा मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी के साथ मारपीट की गई है। भविष्य में किसी प्रकार की ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। इस घटना से मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों और पुजारियों में आक्रोश है।
मांधाता थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि मंदिर प्रांगण में मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी के साथ मारपीट की शिकायत दर्ज की है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है मारपीट
बता दें कि कुछ समय पूर्व भी मंदिर में दर्शन करने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें भी मारपीट हुई थी। तब भी मंदिर प्रबंधन पर पैसे लेकर दर्शन करने के आरोप लगे थे। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में आदिगुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा रही है। जिसको स्टेचू ऑफ़ वननेस का नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह ने पिछले सप्ताह ही यहां पर उसके कार्य को देखा था। यहां पर प्रतिमा के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु और पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। ऐसे में मंदिर प्रशासन पर और ज्यादा सुरक्षा और सुगमता से भक्तों को दर्शन कराने का दबाव बढ़ेगा।