तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रविवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में झूला पुल मार्ग स्थित राठौर धर्मशाला के नीचे चढ़ाई के पास रात करीब 11:20 बजे पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे।
यहां दिनभर भारी भीड़ रहती है
अच्छी बात ये रही है यह घटना उस समय हुई, जब सभी दुकानें बंद हो चुकी थीं और दुकानदार अपने-अपने घर जा चुके थे। यदि यह हादसा दिन में या श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान होता, तो बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता था। रात्रि की वजह से बड़ा हादसा टल गया। झूला पुल मार्ग तीर्थयात्रियों का प्रमुख मार्ग होने के कारण यहां दिनभर भारी भीड़ रहती है।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी। मलबा सड़क पर फैल जाने से कुछ समय के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ और लोगों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
पहाड़ी से मलबा खिसककर सड़क पर आ गया
पीड़ित दुकानदारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि वे छोटे और गरीब व्यापारी हैं तथा दुकान में रखा अधिकांश सामान मलबे में दबकर खराब हो गया है।
ओंकारेश्वर की भौगोलिक स्थिति पहाड़ी होने के कारण मानसून के दौरान यहां कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, ढलानों का तकनीकी परीक्षण और समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से जन-धन की हानि रोकी जा सके।