नर्मदा किनारे सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका एक युवक का शव मिला। बदबू आने पर ग्रामीणों ने नाले की ओर जाकर देखा तो शव मिलने की सूचना तुरंत बड़वाह पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पुष्टि की कि मृतक सीआईएसएफ रिज़र्व बटालियन बड़वाह में पदस्थ 32 वर्षीय आरक्षक (चालक) जितेन्द्र यादव है, जो 10 नवंबर से लापता था।
सीआईएसएफ अधिकारियों ने 10 नवंबर को ही जवान की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वह दोपहर में बैरक से यह कहकर निकले थे कि मार्केट जा रहे हैं, इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। जांच में सामने आया कि वे एमजी रोड पर जाते हुए सीसीटीवी में दिखे थे, लेकिन उसके बाद कोई सुराग नहीं मिला।
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शव मिलने की खबर पर खरगोन एसपी रविंद्र वर्मा, सीआईएसएफ अधिकारी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और पूरी जगह का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए बड़वाह सिविल अस्पताल भेजा गया। मृतक राजस्थान के अलवर का निवासी था। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
पुलिस प्राथमिक तौर पर इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन क्या कोई पारिवारिक विवाद था? क्या नौकरी या मानसिक दबाव की वजह थी? या मामला इससे भी गहरा है?
इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे। बड़वाह के पास देश के सबसे बड़े सीआईएसएफ प्रशिक्षण केंद्र के होने से यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। थाना प्रभारी बलराम सिंह राठौर ने बताया कि मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच जारी है।