भोपाल में हुए भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ से पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि इस रैली के लिए इंदौर और लखनऊ से बुर्के और टोपियां खरीदी गई हैं।
बुधवार को हुई रैली में इस आरोप की छाया दिखाई दी।
सिंह ने कहा था कि भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए करीब दस हजार बुर्कों का ऑर्डर दिया है, ताकि यह दिखाया जा सके भाजपा को मुस्लिमों का समर्थन हासिल है।
शायद इसी आरोप का असर था कि जंबूरी मैदान पर रैली के दौरान भाजपा कार्यकर्ता भीड़ को नियंत्रित करते नजर आए और उन्होंने बुर्का पहनकर आई महिलाओं को एंट्री की इजाजत नहीं दी।
भाजपा कार्यकर्ता जाहिदा बेगम ने बताया कि भोपाल के अलग-अलग हिस्सों से करीब पांच हजार मुस्लिम कार्यकर्ता आए थे, लेकिन उन्हें प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने यह धमकी भी दी कि अगर उन्होंने जबरन भीतर दाखिल होने की कोशिश की, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बेगम ने कहा, "ऐसा लगता है जैसे उन्होंने जानकर मुस्लिमों को भीतर नहीं दाखिल होने दिया।"
टीलाजमालपुर की साहेबा ने कहा, "हम सभी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भाषण सुनना चाहते थे, लेकिन हमें भीतर जाने की इजाजत नहीं मिली।"