नेशनल हाईवे-44 पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे मजदूरों से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में वाहन में सवार 6 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य को भी चोटें आई हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे का शिकार हुए अधिकांश मजदूर छिंदवाड़ा जिले के हरई क्षेत्र के रहने वाले हैं, जो भवन निर्माण कार्य के लिए नरसिंहपुर आए थे।
जानकारी के अनुसार पिकअप में करीब 12 से 13 मजदूर सवार थे। सभी मुंगवानी थाना क्षेत्र के ग्राम देवनगर में एक भवन का लेंटर डालने के लिए जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे जैसे ही वाहन नेशनल हाईवे-44 पर दादा महाराज मंदिर ओवरब्रिज के पास पहुंचा, चालक तेज रफ्तार के कारण वाहन से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते पिकअप सड़क पर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास से गुजर रहे लोग तत्काल मदद के लिए दौड़ पड़े।
राहगीरों ने संभाला मोर्चा, पुलिस और एम्बुलेंस ने शुरू किया रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। पुलिस और एम्बुलेंस स्टाफ ने स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद तत्काल शासकीय जिला अस्पताल नरसिंहपुर भेजा गया। राहत एवं बचाव कार्य में ईएमटी हेमंत प्रजापति, मोहिनी, पायलट नीलेश लोधी और नौसाद की अहम भूमिका रही।
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ये मजदूर हुए गंभीर घायल
हादसे में गंभीर रूप से घायल होने वालों में मिथलेश रजक (35) निवासी यादव कॉलोनी, नरसिंहपुर, लम्बू निवासी हरई (छिंदवाड़ा), रामगोपाल उइके (32) निवासी बटका, थाना हरई, नीलेश कुमार इनवाती (29) निवासी अटारी, थाना हरई, कोंकणराम नौरिया (35) निवासी महका, थाना ठेमी तथा नरबदी बाई (32) निवासी रातामाटी, थाना हरई (वर्तमान पता मगरधा, स्टेशनगंज) शामिल हैं।
हरई क्षेत्र के हैं अधिकांश मजदूर
बताया जा रहा है कि पिकअप में सवार अधिकांश मजदूर छिंदवाड़ा जिले के हरई क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे निर्माण कार्य के लिए नरसिंहपुर आए थे और शनिवार को देवनगर में लेंटर डालने जा रहे थे। हादसे के बाद उनके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है।
दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
स्टेशनगंज थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार और चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोना माना जा रहा है। पुलिस वाहन की तकनीकी स्थिति और चालक से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।