डीजल पर दो प्रतिशत तक छूट का झांसा देकर एक किसान से 4.35 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने झारखंड से एक ट्रांसपोर्टर को हिरासत में लिया है। साइबर सेल की तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने बानादाग निवासी 36 वर्षीय टिंकू कुमार महतो को पकड़ा और नर्मदापुरम लेकर आई। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
फर्जी APK फाइल से मोबाइल किया हैक
डांगीवाड़ा गांव निवासी किसान दिनेश मुराडीया ने जनवरी में माखननगर थाने में साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। किसान ने बताया कि उसके व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गई थी। फाइल मोबाइल में डाउनलोड करते ही फोन हैक हो गया। इसके बाद बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 4.35 लाख रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के बाद थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। साइबर सेल की तकनीकी जांच में पुलिस को ठगी से जुड़े मोबाइल नंबर, बैंक खातों और लेनदेन के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
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डीजल पर छूट का दिया था झांसा
पुलिस जांच में सामने आया कि जालसाजों ने खुद को ब्लैकबक कंपनी से जुड़ा बताकर संपर्क किया था और डीजल भरवाने पर डेढ़ से दो प्रतिशत तक छूट, मैकेनिक सुविधा और तीन हजार रुपये में फ्यूल कार्ड उपलब्ध कराने का झांसा दिया था। आरोपी के कहने पर लिंक के जरिए निजी जानकारी भरवाई गई, जिसके बाद मोबाइल पर फर्जी फ्यूल कार्ड तैयार किया गया। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर आरोपी ने डीजल भरवाने के नाम पर पैसे रिचार्ज करवाए और ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया।
झारखंड से पकड़ा आरोपी
साइबर सेल की रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने झारखंड में दबिश देकर कटकमदाग क्षेत्र के बानादाग निवासी 36 वर्षीय टिंकू कुमार महतो को हिरासत में लिया। आरोपी पेशे से ट्रांसपोर्टर है। पुलिस उसे नर्मदापुरम लाकर पूछताछ कर रही है साथ ही यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी के इस मामले में और कौन लोग शामिल हैं।