मध्यप्रदेश में इस साल के आखिर में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में 15 सालों से सत्ता पर काबिज भाजपा सरकार जहां विकास के दम पर दोबारा सरकार बनाने की कोशिश में है। वहीं विपक्ष को उम्मीद है कि इस बार उसकी नैया पार हो जाएगी। अपने कार्यकर्ताओं में जान फूंकने के लिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राज्य पहुंचे थे। दोनों ने यहां से अपने कार्यकर्ताओं में जान फूंकने का काम किया।
भोपाल के जंबूरी मैदान से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब तक दिल्ली में यूपीए की सरकार थी तब तक वो भाजपा की राज्य सरकारों और वहां की जनता के प्रति दुश्मनी का भाव पालकर बैठे थे। उन्होंने खुद को भाग्यवान बताते हुए कहा कि पता नहीं किस जन्म में हमने कितने पुण्य किए जिससे कि इस महान पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में मुझे मां भारती की सेवा करने का मौका मिला है।
पंडित दीन दयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर याद करते हुए मोदी ने कहा कि उपाध्याय जी का चिंतन, उनका जीवन, उनके आचार, उनके विचार आज भी हमारी प्रेरणा है। हम सभी कार्यकर्ताओं पर हमारे महान नेताओं और पार्टी के लिए जान देने वाले हजारों कार्यकर्ताओं का कर्ज है और इस कर्ज को चुकाने का कोई भी मौका हम अपने हाथ से जाने नहीं देंगे।
पीएम ने कहा कि सबका साथ सबका विकास केवल चुनावी नारा नहीं है। हम वो लोग है जिन्हें गांधी भी मंजूर हैं, राम मनोहर लोहिया भी मंजूर हैं और दीनदयाल उपाध्याय भी मंजूर हैं क्योंकि हम समन्वय, सामाजिक न्याय और सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करते हैं। महात्मा गांधी, दीन दयाल, लोहिया ने देश का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में वोट बैंक की राजनीति ने समाज को दीमक की तरह तबाह कर दिया है और इसलिए आजादी के 70 साल में जो बर्बादी आयी उससे अगर देश को बचाना है तो हमारे सामने ये वोट बैंक की राजनीति की दीमक से देश को मुक्त ये भाजपा की विशेष जिम्मेदारी है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि जिस कांग्रेस ने मध्य प्रदेश और यहां की जनता से दुश्मनी रखी हो उसे सजा देने का मौका मध्य प्रदेश की जनता के पास आ गया है। हमारे लिए सवा सौ करोड़ देशवासी हमारा परिवार हैं। झूठ के बवंडर के सामने भाजपा का झंडा झुकने न पाए। कांग्रेस पराजय के भय से गठबंधन करने पर आ गयी है। सत्ता के नशे में छोटी-छोटी पार्टियों को कुचल देने वाली कांग्रेस आज उन्हीं छोटे दलों के पैरों में पड़ी है। कांग्रेस ने मुझे गालियां देने में शक्ति लगा दी। डिक्शनरी से ढूंढकर गालियां दी जा रही हैं। जितना कीचड़ उछालना हो उछाल लो लेकिन कीचड़ में ही कमल खिलता है।
बिना राहुल का नाम लिए पीएम ने कहा कि मेरे खिलाफ झूठ का बवंडर रचा जा रहा है। जाति का जहर नहीं चलेगा। कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा, 'जो पार्टी 125 सालों से भी पुरानी हो, जिस पार्टी के अनेकों भूतपूर्व राज्यपाल हो, फिर ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी पार्टी को सूक्ष्मदर्शी यंत्र लेकर निकलना पड़ता है कि देश में कहीं बचे हैं की नहीं और इतनी पराजय के बाद भी कांग्रेस सुधरने को तैयार नहीं है। सत्ता जाने के बाद कांग्रेस ने संतुलन भी खो दिया है।'