भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद विष्णुदत्त शर्मा के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लिखे पत्र पर विधानसभा स्पीकर गिरीश गौतम ने कहा कि पत्र का परीक्षण करा रहे हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जएगी। गौतम की टिप्पणी पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है।
गिरीश गौतम ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की तरफ से एक पत्र प्रेषित किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा अशोभनीय टिप्पणी की है। जो संवैधानिक मूल्यों और उनकी राजनीतिक दल की सोच को प्रदर्शित करती है। उन्होंने शायद यह कहा है कि विधानसभा बकवास करने जाऊं क्या? दूसरा उन्होंने कहा कि वहां बकवास होती है। कानून और प्रक्रिया के भीतर से परीक्षण करेंगे। और जो भी कार्रवाई हो सकती है करेंगे। गौतम ने कहा कि कमलनाथ 8 से 10 बार लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं। वह मुख्यमंत्री रह चुके हैं। विधानसभा के बारे में अशोभनीय शब्दों की उम्मीद उनसे नहीं की जा सकती है। क्येांकि नए विधायक आते हैं वह पुरानों से ही सीखते हैं। उनको क्या सिखा कर जाना चाहते हैं। यदि किसी को लगता है कि विधानसभा बकवास है वहां कुछ नहीं है तो विधानसभा से बाहर जाना चाहिए। उनको इस्तीफा देना चाहिए। जो संस्था बेकार दिखाई देती है, वहां नहीं रहना चाहिए। हम हमें दिखा रहे हैं कि उन्होंने क्या कहा है। जो भी नियम प्रक्रिया के भीतर होगा कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा स्पीकर की टिप्पणी पर कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष पूर्व मंत्री एवं विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया उचित नहीं है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से सवाल किया कि कमलनाथ सरकार ने अपने पहले साल में 24 बैठकें, 118 घंटे काम किया। पुनः निवेदन- सत्र बुलाना व चलाना, सभी को समान अवसर देना, विधानसभा अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी है। इसीलिए, निष्पक्ष होने के साथ, निष्पक्ष दिखना भी जरूरी है।
पटवारी ने विधानसभा अध्यक्ष से पूछा कि वर्ष 2020 की 4 बैठकों में केवल 1 घंटे 53 मिनट चर्चा हुई। 2022 के बजट सत्र में 13 की बजाय 08 बैठकें हुईं, केवल 21 घंटे सदन चला। विधानसभा सत्र बुलाना व चलाना, समान अवसर देना, अध्यक्ष की बुनियादी जिम्मेदारी है, क्या ऐसा हुआ?
उन्होंने पूछा कि अध्यक्ष जी, छोटा मुंह, बड़ी बात और अग्रिम क्षमा के साथ निवेदन है - "आपका पद सत्तापक्ष नहीं, निष्पक्ष होता है। नियम-कानून से चलने वाली संवैधानिक गतिविधियों को भी यदि मीडिया के जरिए साझा किया जाएगा, तो मुझे नहीं लगता कि पद की गरिमा बढ़ेगी।"
बता दें नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ के 'बकवास' वाले बयान पर BJP प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की है। वीडी शर्मा ने कमलनाथ पर सदन के अपमान का आरोप लगाते हुए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को पत्र लिखा है। वीडी शर्मा ने अपने पत्र में कमलनाथ पर 'बकवास' शब्द कहकर सदन की मर्यादा तोड़ने की बात कही है।