मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक हंगामे के बीच पारित हो गया। बिल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार का पक्ष रखा, जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया। बिल पारित होने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष का विरोध जनता से जुड़े उन मुद्दों को उठाने के लिए था, जिन्हें सरकार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाकर हिंदू-मुस्लिम राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं और Gen Z की प्राथमिकता यूसीसी नहीं, बल्कि रोजगार, पेपर लीक पर रोक और बेहतर भविष्य है।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस आज भी मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यूसीसी का विरोध कर डॉ. भीमराव आंबेडकर की भावनाओं का भी अपमान किया है। शर्मा ने कहा कि इस बिल का विरोध कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि भाजपा ने बहुमत के बल पर बिल पारित कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले यूसीसी का मसौदा जनता के बीच ले जाना चाहिए था। बरैया के अनुसार कांग्रेस का विरोध भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए था।
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने यूसीसी विधेयक पारित होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
मंत्री विश्वास सारंग
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि यूसीसी लागू होने से महिलाओं को अत्याचार और भेदभाव से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब कोई व्यक्ति एक से अधिक विवाह नहीं कर सकेगा और 'हलाला' जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगेगी। इससे समाज में समानता और एकरूपता आएगी।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद