मध्यप्रदेश के सागर जिले के बम्होरी रेंगुवा में सामूहिक आत्महत्या का एक अजीब मामला गुरुवार को सामने आया है। इसमें पहले पत्नी ने फांसी लगाई, फिर पति ने अपनी दो बेटियों का गला घोंटा और खुद भी फंदे पर लटक गया। हालांकि उसका फंदा टूट गया और वह बच गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बम्होरी रेंगुवा में रहने वाले कारपेंटर 35 वर्षीय मनोज पटेल ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात सबसे पहले अपनी पत्नी पूनम को आत्महत्या करने के लिए मनाया। दोनों की कुल चार बेटियां हैं।
इनमें से दो बेटियों संख्या और सुलेखा को वह रात तीन बजे के करीब अपनी मां प्रेमारानी के पास छोड़ आया था। वह मनोज के घर के सामने ही रहती हैं। बाकी दो बेटियां और पूनम घर पर ही थीं।
इस तरह लगाई फांसी
पुलिस की जांच और मनोज के बयानों से पता चला है कि सबसे पहले मनोज की पत्नी पूनम ने फांसी लगाई। इसके बाद मनोज ने आठ साल की सोनम और छह महीने की जिया का गला घोंट दिया। जब तीनों की मौत हो गई तो मनोज ने खुद फांसी लगाने का प्रयास किया।
वह फंदा बनाकर लटक गया, लेकिन किस्मत से रस्सी टूट गई और वह गिरकर बेहोश हो गया। सुबह जब मनोज की मां प्रेमरानी घर आई तो कमरे का नजारा देख चीख पड़ी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी और सभी को अस्पताल पहुंचाया।
सुसाइड नोट भी लिखा- आज तक पत्नी ने मेरी बात नहीं टाली
मनोज ने आत्महत्या के प्रयास से पहले एक नोट भी लिखा। इसमें उसने लिखा कि जैसी शान से हम जीना चाहते थे, वैसा नहीं हो सका। मैं उतना पैसा नहीं कमा पाया। क्याेंकि बेराेजगारी बहुत ज्यादा है। इस प्लान का पता आज शाम तक पत्नी काे भी नहीं था। लेकिन आज तक पत्नी ने मेरी काेई बात नहीं टाली और ये बात भी मान ली।