केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भोपाल दौरे ने मध्यप्रदेश में नई बहस छेड़ दी है। पिछले हफ्ते भाजपा ने संसदीय बोर्ड से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को हटाया था। इसके बाद कई तरह की अटकलें लग रही हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 20 घंटे भोपाल में रुके तो इसने अलग ही संदेश दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज की तारीफ अलग की है।
भोपाल के रविन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिवराज का जमकर गुणगान किया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में केंद्रीय गृहमंत्री के सामने मध्य प्रदेश के तीन ताकतवर नेता एक साथ खड़े हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और वीडी शर्मा तस्वीर में मुस्करा रहे हैं वहीं, सीएम तस्वीर में मायूस दिख रहे हैं। शिवराज के बॉडी लैंग्वेज पर कांग्रेस ने भी तंज कसा है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट किया कि तस्वीर बहुत कुछ बयां कर रही है। मामाजी को छोड़ वीडी भाई, नरोत्तम मिश्रा बेहद खुश नजर आ रहे हैं…। मामाजी के सर पर छतरी भी नहीं, लगता है सब मिलकर भिगोकर ही रहेंगे।
इसलिए उठ रहे सवाल
हाल ही में बीजेपी के संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति से शिवराज को हटा दिया गया है। उनकी जगह 76 वर्षीय प्रदेश के सत्यनारायण जटिया को शामिल किया गया है। बीजेपी के सबसे ताकतवर बोर्ड से शिवराज को हटाने के बाद तरह-तरह के कयास लग रहे हैं। इसे 2023 से पहले मध्यप्रदेश की सियासत में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब केंद्रीय गृहमंत्री के दौरे के बाद प्रदेश के टॉप लीडर्स से वन-टू-वन चर्चा के बाद फिर कयासों का दौर शुरू हो गया है।
तीनों की तारीफ के क्या मायने
भोपाल में एक पुलिस के कार्यक्रम में उन्होंने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जमकर तारीफ की। विधानसभा सभागार में कुशाभाऊ जन्मशताब्दी पर नई शिक्षा नीति सेमिनार में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की तारीफ की। गृहमंत्री की तारीफ से तीनों को लेकर जारी कयासों पर कुछ दिन के लिए विराम लग जाएगा।
निकाय चुनाव में प्रदर्शन ने किया निराश
मध्य प्रदेश में हाल में संपन्न निकाय चुनाव में बीजेपी को 16 में से 7 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। यह चुनाव मुख्यमंत्री शिवराज के चेहरे पर लड़ा जा रहा था। ऐसे में उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद संसदीय बोर्ड से उनका बाहर जाना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। साथ ही 2023 में चेहरे बदलने की मांग को इसके बाद से और बल मिला है।
सिंधिया-विजयवर्गीय की मुलाकात ने दी नई हवा
गृहमंत्री के भोपाल दौरे के बीच इंदौर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मुलाकात ने भी हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस में रहने के दौरान सिंधिया और कैलाश की सियासी दुश्मनी से सभी लोग वाकिफ रहे हैं। बीजेपी में आने के बाद सिंधिया और कैलाश के संबंध ज्यादा ही गहरे दिखने लगे हैं। इंदौर में सिंधिया ने यह संकेत दिए कि हम कैलाश विजयवर्गीय के साथ कदमताल के लिए तैयार हैं। इससे प्रदेश की राजनीति में एक नए गठजोड़ की चर्चा हो रही है। साथ ही बदलाव की बातों को और बल मिलने लगा है।