आदिवासी न्याय यात्रा को पुलिस ने लालघाटी पर रोका
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भोपाल में उस समय हंगामा हो गया, जब लालघाटी पर पुलिस ने आदिवासी न्याय यात्रा को रोक लिया। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कई विधायक इसमें शामिल थे, उन्होंने यात्रा रोके जाने का विरोध किया। बात बढ़ने पर सभी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
बता दें कि कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा ने 21 सितंबर को धरमपुरी से आदिवासी न्याय यात्रा की शुरुआत की थी। यात्रा गुरुवार को भोपाल पहुंची। पुलिस ने लालघाटी चौराहे पर बैरिकेडिंग करते हुए उनकी यात्रा को रोक लिया। विधायक पदयात्रा कर कारम बांध के निर्माण में भ्रष्टाचार और आदिवासियों को उचित मुआवजा नहीं देने के विरोध में राज्यपाल मंगूभाई पटेल को ज्ञापन देने आ रहे थे। पुलिस के रोकने पर विधायक सड़क पर ही बैठ गए। यात्रा में शामिल होने पहुंचे पीसीसी चीफ कमलनाथ भी सड़क पर धरने पर बैठ गए। पीसीसी चीफ के जाने के पुलिस धरने पर बैठे विधायकों को उठाने लगे। इसके बाद विधायक बैरिकेडिंग पर चढ़ आगे बढ़ने लगे। उनको पुलिस ने रोक दिया। विधायक मेड़ा ने कहा कि सरकार हमारी बात ही नहीं सुन रही है। तानाशाही कर रही है। आदिवासियों को उनका हक दिलाने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि आज मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में आदिवासी भाइयों के साथ दमन व अत्याचार हो रहा है। शिवराज सरकार की नीति व नीयत सबको समझ आ चुकी है। सरकार विधायकों की बात को राज्यपाल तक नहीं पहुंचाने दे रहे हैं। इसका जवाब जनता देगी।