कटनी जिले के ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र में मृत मिले तेंदुए की मौत के कारणों की पुष्टि हो गई है। उसकी जान बुखार से गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। अब तेंदुए के बाल और खाल को लैब भेजे गए हैं।
दरअसल करौंदी बीट के राजस्व इलाके में वयस्क मादा तेंदुए का शव मिला था। उसकी संदिग्ध मौत से वन विभाग चिंतित था। शव को पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर भेजा गया था। जिसमें डॉक्टरों की टीम ने पीएम करते हुए रिपोर्ट में बताया कि तेंदुए की मौत 24 घंटे के अंदर हुई थी। मौत का कारण बुखार बताया गया है। हालांकि वन विभाग ने मृत तेंदुए के बाल और खाल की जांच के लिए लैब भेजा है ताकि मौत की वजह और स्पष्ट हो सके।
कटनी वन मंडल अधिकारी गौरव शर्मा के मुताबिक तेंदुआ का शव मुढ़ाना तालाब से 50 मीटर दूर मिलने की जानकारी के बाद ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया था, जिसका पंचनामा बनाते हुए जबलपुर डॉग स्क्वॉद की टीम को बुलवाकर चारों तरफ सर्चिंग करवाई था और लेकिन आस पास ऐसा कुछ नही मिला। जिसके बाद तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, जिसमें डॉक्टरों की बताई रिपोर्ट में तेंदुए की मौत तेज बुखार के कारण हुई है। तेंदुए दो वर्ष का व्यस्क था जिसका कोई शिकार नहीं किया गया है। वही उसके बाल और खाल सैंपल ले लिए गए जिसको जांच के लिए लैब भेजा है।