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MP News: कारम बांध को लेकर सियासत तेज, कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर दोषियों को बचाने का लगाया आरोप

Fri, 26 Aug 2022 10:59 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश के धार जिले के कारम बांध क्षतिग्रस्त मामले में कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई नहीं होने तक चुप नहीं बैठेंगी।
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पूर्व सीएम कमलनाथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कारम बांध को लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इंदौर में बयान दिया कि बांध के गेट नहीं लगे थे। इसलिए इसे डेम या बड़ा बांध कहना सही नहीं है। यह तालाब था। इस पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि डेम क्षतिगस्त मामले में 15 दिन बीत चुके है, लेकिन अभी तक किसी भी दोषी पर कार्यवाही नहीं हुई। शिवराज सरकार ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाकर पांच दिन में इसकी जांच और कार्यवाही करने का दावा किया था, लेकिन 11 दिन हो चले है, जांच रिपोर्ट कहां है। किसके पास है। अभी तक उसका ही पता नहीं और अभी तक कोई कार्यवाही नहीं।  उन्होंने कहा कि इस बांध को लेकर जिस तरह की बयानबाजियां हो रही है। उसी से समझा जा सकता है कि सरकार लीपापोती में और दोषियों को बचाने में लग गयी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार दोषियों को बचाने में लग गई है। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस इस भ्रष्टाचार पर चुप नहीं बैठेगी। जब तक दोषियों पर कार्यवाही नहीं हो जाती। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
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बता दें सरकार की तरफ से गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इसमें निर्माण एजेंसी पर बांध निर्माण में लापरवाही का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार इंजीनियरों पर कार्रवाई हो सकती है। इससे पहले सरकार ने दोनों निर्माण करने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्टेट कर उनका रजिस्ट्रेशन भी सस्पेंड कर दिया है।
 
धार जिले की कारम नदी पर बने बांध में 11 अगस्त को पानी लिकेज होने लगा था। जिसके बाद सरकार ने धार और खरगोन जिले के 18 गांव को खाली कराए थे।  विशेषज्ञों की मदद से सरकार ने बांध में समानांतर चैनल बनाकर पानी निकाल बांध खाली किया। बांध की मिट्टी की दीवार पानी से कटने से पानी निचले इलाके के गांव में घुस गया था। इससे ग्रामीणों के खेत की फसल को भी नुकसान पहुंचा। इसको लेकर ग्रामीण भी सरकार से आर्थिक मदद की मांग कर रहे है। 
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