मध्यप्रदेश अजब है और भोपाल गजब। भोपाल नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइट का बिल जमा करने के लिए पैसा नहीं है। बिजली कंपनी ने कई मियाद देने के बाद कुछ इलाकों में बत्ती गुल कर रखी है। मंत्री भूपेंद्र सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा है। पिछले हफ्ते ही तो उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को बुलाकर मामला सुलझाने का प्रयास किया था। ऐसी माली हालत में भी भोपाल नगर निगम के नेता और अफसर अब फूल-मालाएं खरीदने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का टेंडर निकाला है।
भोपाल नगर निगम की जनसंपर्क शाखा ने आठ नवंबर को फूल माला खरीदने के लिए टेंडर जारी किया है। इसमें निविदाकर्ता से डेढ़ लाख रुपए धरोहर राशि की मांग की गई। चयनित ठेकेदार को एक साल तक फूल, माला, बुके, फ्लॉवर पॉट और अन्य सजावट के सामान की आपूर्ति करनी होगी। निगम ने टेंडर में साढ़े सात लाख रुपये की बैंक गारंटी मांगी है। इसके लिए तीस लाख रुपये के टर्न ओवर की शर्त भी रखी है। कुल मिलाकर भोपाल नगर निगम को डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने होंगे इस मद में। यह हास्यास्पद है कि माली हालत खराब होने के बावजूद भी फूल-मालाओं पर इतना भारी-भरकम खर्च किया जा रहा है।
कांग्रेस ने कसा तंज
कांग्रेस प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने भोपाल नगर निगम की माली हालत पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर निगम का दिवाला निकल रहा है। बिजली कंपनी का बिल नहीं भरा है। आधे भोपाल से उजाला गायब है। स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी हैं। इसके बाद भी बीजेपी नेता डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की माला पहनाएंगे। यह तो बेशर्मी की इंतहा हो गई है।