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MP News: मध्य प्रदेश के हर जिले में 12 जनवरी को लगेगा रोजगार मेला, 3 लाख लोगों को देंगे प्रमाण पत्र

Tue, 04 Jan 2022 02:15 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश सरकार ने तय किया है कि 12 जनवरी को हर जिले में रोजगार मेला लगाया जाएगा। इस दौरान 3 लाख लोगों को स्वरोजगार या रोजगार का प्रमाण पत्र या अपना काम शुरू करने के लिए लोन राशि का चेक भेट किया जाएगा।  
 
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शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि प्रदेश में बेरोजगारी दर अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे कम है। यह एक खुश होने वाली खबर है। कोरोना काल में भी हमने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया, जिससे रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिली है। इससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। एमएसएमई से लेकर उद्योगों तक को फायदा हुआ है। 
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मध्य प्रदेश कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद जयंती पर 12 जनवरी को सभी मंत्रियों को स्वयं या प्रभार वाले जिलों मे रोजगार मेले लगाने के निर्देश दिए हैं। इसमें हम लोन स्वीकृति पत्र, रोजगार के प्रमाण पत्र 3 लाख लोगों को बांटेंगे। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। हम इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना भी शुरू की जा रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए कि राज्य स्तरीय समिति और जिलों की समितियों से संपर्क कर विभिन्न और स्वरोजगार योजनाओं में प्रदेश को सबसे आगे लाने पर फोकस करें। पीएम और सीएम स्वानिधि सहित अन्य योजनाओं में हमें अग्रणी रहना है।  

रोजगार में आत्मनिर्भरता के रोडमैप में शामिल 8 योजनाएं 

1. मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना  
शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को 13 मार्च 2021 को शरू किया था। इसके जरिए मध्य प्रदेश के युवाओं को खुद का उद्यम स्थापित करने के लिए लोन दिया जाता है। लोन की गारंटी सरकार देती है। यानी अगर किसी को लोन लेना है तो उसे गारंटी की चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस योजना के लिए आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच और न्यूनतम 12वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। आवेदक के परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये या कम होनी भी जरूरी है। इस योजना के तहत मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट और उद्योग लगाने वाले युवाओं को एक लाख से लेकर 50 लाख और सर्विस सेक्टर के लिए एक लाख से 25 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। यह सिर्फ नया कारोबार करने के लिए दिया जाता है। 
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2. एक जिला एक पहचान योजना 
एक जिला एक पहचान योजना के तहत हर जिले के लोकल उत्पाद की पहचान और ब्रांडिंग की जाती है। 52 जिलों के लिए  64 विशिष्ट प्रोडक्ट्स चुने गए हैं। नैफेड अनानास, बाजरा आधारित उत्पाद, धनिया, मखाना, शहद, रागी, बेकरी, इसबगोल, हल्दी और चेरी की ब्रांडिंग और मार्केटिंग कर रहा है। ट्राइफेड ने इमली, मसाले, आंवला, दालें, अनाज, कस्टर्ड सेब, जंगली मशरूम, काजू, काला चावल और जंगली सेब को चुना है। 2024-25 तक 10,000 करोड़ रुपये इस योजना के तहत खर्च होने हैं।  

3. मुख्यमंत्री ग्रामीण कामगार सेतु योजना 
कोरोना काल में 8 जुलाई 2020 को इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के प्रवासी मजदूरों, सड़क पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं, रेहडी, फेरीवाले, रिक्शा चालक, मजदूरों को लाभ पहुंचाया जाता है। इन्हें 10 हजार रुपये तक का लोन दिया जाता है, ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सके। इस योजना के लिए घर बैठे वेबसाइट के जरिए आवेदन किया जा सकता है।  

4. मध्यप्रदेश किसान कल्याण योजना 
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 26 सितंबर 2020 को शुरू की गई। इस योजना को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जोड़ा गया है। योजना के तहत मध्य प्रदेश के किसानों को 10 हजार रुपये सालाना दिए जा रहे हैं। इसके तहत 2020-21 में 74 लाख 50 हजार किसानों के खाते में 1 हजार 492 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। 2021-22 के लिए पहली किश्त के रूप में 75 लाख किसानों को 1 हजार 500 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। 

5. मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना 
स्वरोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर साल 2.5 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। 15 साल से अधिक उम्र के युवा इसमें भाग ले सकते हैं। आधार नंबर और राज्य का नागरिक होने की अनिवार्यता है। अलग-अलग कोर्सेस के लिए प्रशिक्षण अवधि 15 दिन से 9 महीने (100 से 1200 घंटे) है। जो युवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें स्किल डेवलपमेंट से नौकरी या काम खोजने का अवसर मिलेगा।
 
6. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 
लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद पथ विक्रेताओं को दोबारा रोजगार शुरू करने में मदद करने इस योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें 10 हजार रुपये तक का कर्ज दिया जाता है। ताकि वे अपना कारोबार फिर से शुरू कर सकें। समय पर किस्तें चुकाने वालों को 7 प्रतिशत की दर से ब्याज सब्सिडी भी दी जा रही है। डिजिटल लेन-देन पर कैशबैक भी दे रहे हैं। इस लोन के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं है। इस योजना को क्रियान्वित करने में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा है। टारगेट 4.05 लाख का था, जबकि 4.11 लाख पथ विक्रेताओं को लोन बांटे गए हैं। 

7. मनरेगा मध्यप्रदेश 
- कोरोना काल में 1 करोड़ 6 लाख से ज्यादा जरूरतंद लोगों को रोजगार दिया गया है। 2020-21 में मजदूरों के खातों में 6 हजार करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। 2021-22 में 79 लाख 62 हजार श्रमिकों को रोजगार दिया है। 3,924 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। अनुसूचित जनजाति परिवारों को मनरेगा से रोज़गार देने में मध्य प्रदेश देश में अव्वल है। इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक 54 लाख 30 हजार स्थाई परिसम्पत्तियों बनाकर मध्य प्रदेश देश में चौथे स्थान पर है। 

8. मध्यप्रदेश कोविड अनुकम्पा नियुक्ति योजना 
कोविड-19 महामारी की वजह से किसी भी स्तर के सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के किसी सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जा रही है। इसमें संविदा कर्मचारी समेत तमाम दैनिक वेतनभोगी भी शामिल है।   
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