धार के कारम बांध के क्षतिग्रस्त होने के मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखा है। दिग्गी ने पत्र लिखकर कारम बांध डैम क्षतिग्रस्त मामले में दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करने और किसानों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शिवराज सिंह चौहान से कहा है कि कारम डैम में हुए भ्रष्टाचार पर अभी तक आपने कोई कार्रवाई नहीं कर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का मन बना लिया है। आपके कार्यकाल को भ्रष्टाचारियों का ‘‘स्वर्ण काल’’ माना जा रहा है। एक सप्ताह बाद भी न किसी पर एफआईआर होकर गिरफ्तारी हुई है न ही किसी बड़े अधिकारी को निलंबित किया गया है। ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को सैकड़ों करोड़ रुपये का निर्माण कार्य किस आधार पर दिया गया, इस मुद्दे पर भी सरकार की चुप्पी गहरे प्रश्न पैदा करती है।
राज्य सरकार ने दिल्ली की ब्लैक लिस्टेड कंपनी को काम देने के साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता को पूर्व में ही संदिग्ध बना दिया था। बाद में कंपनी ने यह काम ग्वालियर की सारथी कंस्ट्रक्शन कंपनी को देकर भारी भ्रष्टाचार किया। ई-टेंडरिंग में आरोपित फर्म राजनीतिक संरक्षण पाकर मनमर्जी करती रही। कांग्रेस के स्थानीय विधायक पांचीलाल मेड़ा ने समय-समय पर घटिया निर्माण का मुद्दा सरकार के सामने उठाया पर गले-गले तक भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की है। क्या यही है भ्रष्टाचार के प्रति आपकी ज़ीरो टालरेंस नीति?
टूट चुके डैम को फोड़कर आपने पानी निकालने का काम कर अपनी पीठ स्वतः से थपथपा ली है, लेकिन उन किसानों की सुध नहीं ली है जिनके खेत की मिट्टी बह गई है। आप टकटकी लगाकर घटनाक्रम पर नज़र रखे हुए हैं तो आपको यह जानकारी भी होगी कि कारम डेम में रिसाव के कारण वहां के किसानों के खेत में लगी फसल के साथ उपजाऊ मिट्टी तक बह चुकी है और खेतों में पत्थर भी बह कर आ गए हैं। जिससे उन किसानों को अत्याधिक नुकसान हो चुका है और जमीनें कंकड़ पत्थर में तब्दील हो गई हैं।
दिग्विजय ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि आपकी सरकार के माथे पर कलंक बने कारम डैम में हुए भारी भ्रष्टाचार के लिए दोषी शीर्ष अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय जांच पश्चात सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। इसी प्रकार कारम डैम के आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को समयसीमा तय कर मुआवजा दिया जाए। उनके खेतों को पुनः समतल किए जाने के लिए सरकार की ओर से मिट्टी का परिवहन कर खेत पुनः खेती योग्य बनाए जाने के निर्देश दिए जाएं। पीड़ित और प्रभावित किसानों के पुनर्वास के लिए सामान्य अनुदान के अलावा पृथक से विशेष पैकेज देकर उनके साथ न्याय किया जाए।