कटनी में कन्यादान योजना के तहत विवाह हुए।
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कटनी जिले में अधिकारियो ने कन्यादान योजना के तहत आवेदन देने वाले 247 में से 200 जोड़ों को अपात्र घोषित किया है। इसके बाद सिर्फ 46 जोड़े ही परिणय सूत्र में बंधे। जनपद पंचायत के सीईओ के मुताबिक 200 जोड़े पहले से शादीशुदा थे। जांच में उन्हें कन्यादान योजना के लिए अपात्र माना गया। अन्य लोगों का विवाह संपन्न हो गया है।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना लंबे अरसे से विवादों में है। कभी घटिया गहनों की बात आती है तो कभी घटिया गिफ्ट की। इसके बाद शासन स्तर पर तय हुआ कि हितग्राहियों के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। पर अब यह भी सामने आया है कि योजना के तहत पैसा पाने के लिए जोड़े झूठ बोलकर कन्यादान योजना में विवाह करा रहे हैं। जांच में पता चला कि 247 जोड़ों ने आवेदन दिया था। उसमें से करीब 200 जोड़ों को अपात्र घोषित किया गया है। इसका खुलासा खुद प्रशासनिक अधिकारियों ने किया है।
मामला मध्यप्रदेश के कटनी जिले का है, जहां ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत में 28 जून को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 46 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इसके लिए जनपद पंचायत में 247 आवेदन आए थे। विभागीय जांच में 200 जोड़े शादी-शुदा निकले। अधिकारियो ने सभी 200 जोड़ों को अपात्र घोषित करते हुए 47 लोगों को पात्र पाया। योजना से एक जोड़ा नदारद रहा इसलिए महज 46 जोड़े लाभान्वित हुए। 44 जोड़े हिंदू रीति-रिवाज से शादी के बंधन से बंधे तो दो मुस्लिम जोड़ों ने निकाह किया।
कार्यवाही होगी
ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत सीईओ विनोद पांडे ने बताया कि पात्र 46 जोड़ों का विवाह करवाया गया। इसके बाद शासन की मंशा के अनुसार प्रत्येक जोड़े को गृहस्थी के सामान के लिए 49 हजार रुपये की राशि आरटीजीएस के माध्यम से दी गई है। अपात्र होने के बाद भी आवेदन के मामले सामने आने पर जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।