प्रदेश भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को अनुशासन समिति की बैठक हुई। इस दौरान समिति ने दो दर्जन से ज्यादा नेताओं की शिकायतों, निलंबन और निष्कासन पर मंथन किया गया। इसमें कुछ नेताओं का निष्कासन और निलंबन समाप्त कर घर वापसी कराई गई है। वहीं, जिन मामलों में समिति ने माना कि नेताओं ने पार्टी की गाइडलाइन तोड़ने का काम किया है। उनका मामला संगठन को भेज दिया गया। इसके बाद सागर के महापौर पति सुशील तिवारी को प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के सदस्य पद से निष्कासित कर दिया गया।
सीएम शिवराज, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के खिलाफ बयानबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई का फैसला किया गया। भाजपा मुख्यालय में अनुशासन समिति की बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, समिति अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, विधायक देवीलाल धाकड़, उज्जैन के पूर्व विकास प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल और महामंत्री भगवान दास सबनानी मौजूद रहे। बैठक में कई मामलों पर चर्चा हुई। इसमें सागर में मंत्रियों का विवाद, प्रदेश अध्यक्ष को हटाने का पत्र वायरल करने का मामला, गुना सांसद केपी यादव समेत नगरीय निकाय में पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले बागियों को लेकर समिति ने चर्चा की। समिति ने कुछ मामले में भिंड, रीवा और ग्वालियर के नेताओं के पक्ष से सहमत होकर उनका निष्कासन खत्म कर पार्टी में वापस ले लिया।
वहीं, कुछ शिकायतों में पार्टी के नेताओं को समिति ने पार्टी की गाइडलाइन तोड़ने वाला माना और उनके मामले को अब निर्णय के लिए संगठन के पदाधिकारियों के पास भेज दिया गया। इसमें सागर के महापौर संगीता तिवारी के पति सुशील तिवारी द्वारा वीडी शर्मा के खिलाफ अनर्गल बातों का मामला शामिल था। बैठक के बाद प्रदेश भाजपा के कार्यालय प्रभारी व महामंत्री भगवानदास सबनानी ने तिवारी को प्रदेशाध्यक्ष शर्मा द्वारा प्रदेश कार्यसमिति से निष्कासित करने की जानकारी दी गई। सबनानी ने अपने आदेश में बताया कि तिवारी को दिए गए कारण बताओ नोटिस से पार्टी संतुष्ट नहीं है, इसलिए यह कार्रवाई की गई।