फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: मंडला में सड़क न होने पर एंबुलेंस का आने से इनकार, गर्भवती को खाट पर लेकर तीन किमी तक चले पैदल  

Sat, 18 Jun 2022 12:02 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडला

सार

मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग तरस रहे हैं। सड़क न होने पर एंबुलेंस नहीं आई तो गर्भवती को तीन किमी तक खाट पर मरीज को ले गए परिजन।  
विज्ञापन
गर्भवती को खाट पर लेकर पैदल जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश की सरकार भले ही आदिवासी इलाकों में सुविधाओं और योजनाओं का अंबार लगाने का दावा करती हो, हालात बहुत ही बुरे हैं। मंडला जिले में सड़क न होने पर एंबुलेंस ने गांव जाने से इनकार कर दिया। मजबूरन गर्भवती महिला को खाट पर रखकर तीन किमी का रास्ता पैदल ही तय किया। जैसे-तैसे महिला को अस्पताल ले गए, जहां उसने मृत शिशु को जन्म दिया।
विज्ञापन

 
मामला मंडला के बेहरा टोला गांव का है। सुनिया मरकाम नामक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही थी। परिजनों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा को 108 पर फोन लगाकर बुलवाया।  हालांकि, सड़क न होने की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंची। तीन किमी दूर जाकर रुक गई। परिजनों ने एक खाट पर महिला को लिटाया और उसे लेकर पैदल ही एंबुलेंस तक ले गए। एंबुलेंस कर्मचारियों ने उसे खाट पर लिटाया और परिजनों की मदद से तीन किमी दूर तक पैदल ले गए।  इसके वीडियो अब सामने आ रहे हैं।  

जबलपुर में हुई डिलीवरी 
सुनिया को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। हालत बिगड़ने पर जबलपुर रैफर किया गया। वहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। बताया जाता है कि सुनिया की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क वाली थी। कलेक्टर हर्षिका सिंह ने मीडिया से कहा कि गर्भवती जिस गांव में रहती है, वह पहाड़ के ऊपर बसा एक टोला है। खड़ी चढ़ाई होने से वाहन ऊपर नहीं चढ़ पाते। 2017 में ग्रेवल सड़क बनी थी, लेकिन उस पर वाहन नहीं चलाए जा सकते। हम क्या कर सकते हैं, यह देख रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें