मध्य प्रदेश में फिर से ठिठुरने की तैयारी में है। अधिकांश जगह दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। भिंड में ओले गिरे हैं, रीवा, शहडोल, जबलपुर, चंबल संभाग के कई जिलों में बारिश भी हुई। अगले 24 घंटों में तापमान में तेजी से गिरावट होने की संभावना है।
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई जिलों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। गुना-उज्जैन में 8, ग्वालियर-रायसेन में 8.6, धार-इंदौर में 8.7, भोपाल-खजुराहो-नौगांव में 9.0, राजगढ़ में 9.3, सागर में 9.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। मौसम केंद्र के अनुसार अमरपुर, मोहगांल, कराजिया, माडा, वेकटनगर में तीन, घुघरी, अमरकंटक, डिंडौरी, सिंगरौली, रौन, मिहौना में दो, लहार, मंडला, पुष्पराजगढ़, कुसमी, समनापुर, अनूपपुर में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मौसम का मिजाज बदला है। ठंडी हवाओं का भोपाल और इंदौर समेत पूरे प्रदेश में असर नजर आया। भोपाल में न्यूनतम तापमान में एक दिन में करीब 6 डिग्री की गिरावट रही। भिंड में गुरुवार शाम ओले गिरे। बैतूल, भोपाल, धार, गुना, ग्वालियर, होशंगाबाद, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, सिवनी और सीधी में 1 डिग्री से लेकर 4 डिग्री तक अधिकतम तापमान नीचे आ गया। उज्जैन, धार और शाजापुर में सबसे ज्यादा 4 डिग्री सेल्सियस तापमान गिरा। बुंदेलखंड, महाकौशल और विंध्य के अधिकांश इलाकों में इसका असर नहीं दिखाई दिया। यहां पर पारा जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, और सतना में दिन का पारा 3 डिग्री तक चढ़ गया। अब रात का पारा भी नीचे आने की संभावना है। यह 10 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है।
लहार-मिहोना सड़क पर बिछ गई सफेद चादर
भिंड जिले के लहार और मेहगांव सर्किल में गुरुवार शाम ओलावृष्टि हुई है। ओलों से लहार, मेहगांव के 31 गांवों में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। सरसों और अरहर की फसल कटकर खेतों में बिछ गई है। लहार से मिहोना सड़क पर ओले ही ओले नजर आ रहे थे। कलेक्टर सतीश कुमार एस ने एसडीएम और तहसीलदारों को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। बड़े आकार के ओलों के कारण खेतों में खड़ी सरसों, मसूर, अरहर और चना की फसल में नुकसान हुआ है। लहार-मेहगांव के मिहोना, मछंड, पचोखरा, असनेहट, जमनापुरा, नौधा, बसंतपुरा, रौन के गोअरा, दबरेहा, अचलपुरा, मेहदवां, चंदावली, रौन, बरुआ, मेहगांव के गहेली, गाता-गितौर, सेंथरी, कैरोरा आदि गांवों में ओलावृष्टि से फसलों में बड़ा नुकसान हुआ है।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर में बर्फबारी और पाकिस्तान से आ रही ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान में एक सिस्टम बन गया है। इस सिस्टम से प्रदेश में मौसम बदला है। हवाओं की रफ्तार काफी तेज है। अगले 24 घंटे में ग्वालियर-चंबल और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे अगले तीन दिन तक ठंड थोड़ी बढ़ेगी। दिन-रात के तापमान में कमी आएगी। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि राजस्थान में बना सिस्टम शुक्रवार तक सक्रिय रहेगा। इससे अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और शहडोल में हल्की बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटों की बात करें तो धार व सागर जिलों में शीतलहर चल सकती है। इंदौर, उज्जैन, धार, शाजापुर जिलें में कहीं-कहीं शीतलदिन रहेगा। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़, सीधी जिलों में कहीं-कहीं कोहरा छा सकता है। अगले दो दिनों तक पूरे प्रदेश का तापमान गिरेगा।
किसानों पर संकट
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलवृष्टि होने की जानकारी मिली है। किसानों को करीब एक माह बीत जाने के बाद भी पिछली ओलवृष्टि का अभी तक कोई मुआवज़ा व राहत नहीं मिली है। ऐसे में इस ओलवृष्टि ने उनके संकट को और बढ़ा दिया है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि किसानों के इस संकट को समझते हुए ,उन्हें तत्काल राहत व मुआवजा प्रदान करें।