मध्य प्रदेश में आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के लिए बुधवार को राज्य भर में आरक्षण प्रक्रिया चलती रही। प्रदेश के नगर निगमों में महापौर पदों के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के लिए आज राज्य भर में आरक्षण प्रक्रिया चलती रही। बुधवार को प्रदेश के नगर निगमों में महापौर पदों के लिए आरक्षण की स्थिति सामने भी आ गई है। इंदौर में सामान्य पुरुष वर्ग के प्रत्याशी को तो भोपाल में OBC को मौका दिया गया है। अनुसूचित जाति जनजाति के लिए तीन नगर निगम में आरक्षण किया गया है।
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प्रदेश के नगर निगमों में महापौर पद के लिए आरक्षण हुआ है। सामान्य वर्ग पुरुष के लिए रीवा, जबलपुर, इंदौर और सिंगरौली आरक्षित किए गए हैं। वहीं सामान्य वर्ग की महिला के लिए सागर, कटनी, देवास, ग्वालियर नगर निगमों में महापौर का पद आरक्षित हो गया है। इधर भोपाल, सतना, खंडवा और रतलाम नगर निगम के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए तथा उज्जैन, छिंदवाड़ा और मुरैना नगर निगम में महापौर का पद अनुसूचित जाति जनजाति के लिए आरक्षित हुआ है।
मतदान के लिए एक घंटा कम मिलेगा
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह की तरफ से इस संबंध में सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा गया है। इसमें लिखा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए मतदान के समय में आंशिक संशोधन करते हुए मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक किया था। आयोग ने उक्त समय पर पुन: विचारोपरांत नगरीय निकायों के निर्वाचन में मतदान का समय पूर्व में निर्धारित सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया है। आयोग ने मतदान के समय में संशोधन की मतदानकर्मियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण सत्र में प्राथमिकता से सूचित किए जाने के निर्देश दिए हैं। यह भी कहा है कि अधिकारियों/कर्मचारियों को इस आशय की सूचना शीघ्र दी जाए।