Bhopal: मध्य प्रदेश कांग्रेस कार्यालय
- फोटो : फाइल फोटो
एमपी कांग्रेस ने नगरीय निकाय चुनाव में वार्ड पार्षद प्रत्याशी के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। जिसके अनुसार अब वार्ड का रहवासी ही प्रत्याशी बनेगा। वहीं, रविवार को दिग्विजय सिंह के निवास पर भोपाल के पार्षद प्रत्याशियों को लेकर बैठक हुई। जिसमें सभी वार्डों के नामों पर सहमति बनी है।
भोपाल के पार्षद प्रत्याशियों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आवास पर बैठक बुलाई गई। जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, उत्तर क्षेत्र के विधायक आरिफ अकील, दक्षिण पश्चिम क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, मध्य क्षेत्र के विधायक आरिफ मसूद, लखन घनघोरिया, तरुण भनोट, कैलाश मिश्रा, विभा पटेल, महेंद्र सिंह चौहान मौजूद थे। बैठक में सभी वार्डों के प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विधायकों को उनके क्षेत्र में प्रत्याशी का चयन करने को लेकर फ्री हेंड दिया गया है। वहीं, जहां पार्टी का विधायक नहीं है उन वार्डों में संगठन और वरिष्ठ नेता आपसी सामंजस्य के साथ प्रत्याशी तय करेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि एक-दो दिन में पार्टी प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दें।
मध्य प्रदेश कांग्रेस की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस उसी वार्ड के मतदाता को प्रत्याशी बनाएगी, जिसमें वो रहवासी होगा। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के फैसले से कई नेताओं का सपना टूट गया है, जो अपना वार्ड दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद कहीं दूसरी जगह से चुनाव लड़ने टिकट पाने का प्रयास कर रहे थे। पार्टी के उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी की तरफ से जारी पत्र में साफ लिखा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश हैं कि कांग्रेस प्रत्याशी उन्हें ही बनाया जाए जो व्यक्ति जिस वार्ड में रहता है एवं उसी वार्ड का मतदाता है। किसी भी उम्मीदवार का वार्ड परिवर्तन नहीं होगा।