मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में स्टेनोग्राफर तथा सहायक ग्रेड तीन की भर्ती में कम्युनल आरक्षण लागू किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में आठ याचिका दायर की गई हैं। हाईकोर्ट जस्टिस सुजय पॉल तथा जस्टिस पीसी गुप्ता की युगलपीठ ने सरकार के आग्रह पर जवाब पेश करने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। याचिका पर अगली सुनवाई 28 जून को निर्धारित की गई है।
बता दें कि याचिकाकर्ता राजीव सिंह व अन्य सात की तरफ से दायर अलग-अलग याचिकाओं में कहा गया था कि हाईकोर्ट में स्टेनोग्राफर व सहायक ग्रेड तीन के भर्तियों के प्रथम चरण का परिणाम घोषित किया है। परिणाम घोषित करने में कम्युनल आरक्षण लागू करते हुए वर्गवार मेरिट लिस्ट तैयार की गई है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को 77 अंक मिलने पर चयनित किया गया है। ओबीसी वर्ग के अभ्यार्थियों को 79 से 81 अंक मिलने के बावजूद भी उनका चयन नहीं किया गया।
याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी वाले प्रकरण में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अनारक्षित वर्ग के मेरिटोरियल अभ्यर्थिओं का चयन सामान्य वर्ग में किया जाए। युगलपीठ ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद नियुक्ति के अंतिम निर्णय के अधीन रहने के आदेश पारित किए थे। याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से जवाब पेश करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि मुख्य परीक्षा के लिए फार्म भरने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित है। युगलपीठ ने जवाब पेश करने के लिए अंतिम मोहलत प्रदान की है। याचिकाकर्ता की तरफ से रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पैरवी की।