मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नगर तथा ग्राम निवेश के संयुक्त संचालक अमित गजभिए को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया है। अधिकारी 27 अक्तूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालती सुनवाई में बिस्तर पर लेटे और अंडरपैंट पहने नजर आए थे। पीठ ने उनके इस व्यवहार को न्यायालय की गरिमा और शिष्टाचार के विपरीत माना है। अदालत ने राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर अधिकारी के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
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अमर्यादित आचरण पर अवमानना नोटिस
अदालत के आदेश के अनुसार संयुक्त संचालक कैमरे के सामने शर्ट के बटन बंद करते हुए भी दिखाई दिए। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने अधिकारी के इस आचरण को पूरी तरह अनुचित बताया। उन्होंने पीठ को आश्वासन दिया कि शासन अधिकारी पर नियमानुसार कार्रवाई करेगा। हाईकोर्ट ने अमित गजभिए को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न चलाई जाए। अधिकारी को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।
भूमि उपयोग विवाद से जुड़ा मामला
यह प्रकरण मेसर्स जीएसबी कंस्ट्रक्शन से जुड़े भूमि उपयोग विवाद की सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय और साकेत उपाध्याय ने पैरवी की। याचिका में मुद्दा उठा कि मास्टर प्लान में संबंधित भूमि का उपयोग आवासीय था, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में इसे औद्योगिक दिखाया गया। अदालत के समक्ष पेश तथ्यों के अनुसार संयुक्त संचालक ने 3 अक्तूबर, 2025 को रिकॉर्ड सुधार के लिए भोपाल सिफारिश भेजी थी। इसके बावजूद बाद में पारित आदेश पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाए और उसे महज दिखावा करार दिया।