चंबल घाटी के दुर्दांत आत्म समर्पित दस्यु मोहर सिंह का लंबी बीमारी के बाद मध्यप्रदेश के भिंड जिले में मंगलवार को निधन हो गया। वो 92 साल के थे। उनके भतीजे इंद्रभान सिंह ने इसकी जानकारी थी। मंगलवार की सुबह 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। सूत्रों के अनुसार, मोहर सिंह ने 1955 में संपत्ति विवाद को लेकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी और इसके बाद वो डकैत बन गए थे।
60 के दशक के इस दस्यु सरदार के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 315 अपराध दर्ज थे। गिरफ्तारी पर उस वक्त दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। चंबल में 50 के दशक में जैसे बागियों की एक पूरी बाढ़ आई थी।
चंबल के बीहड़ों ने जाने कितने डाकुओं को पनाह दी। मोहर सिंह मेहगांव नगर पालिका के पंचायत परिषद अध्यक्ष भी रह चुके थे। कहा जाता है कि अपने जमाने में मोहर सिंह पुलिस को भी एनकाउंटर की खुली चुनौती दे चुके थे।