मध्यप्रदेश में कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर बीजेपी के नेता कई बार सवाल खड़े कर चुके है। इस पर रविवार को दिग्विजय सिंह ने बिना नाम लिए भाजपा को जवाब देते हुए कहा कि कमलनाथ और मेरा साथ 40 साल पुराना है। हमें कोई अलग नहीं कर सकता।
राजधानी भोपाल के राज्य संग्रहालय के सभागार में वरिष्ठ समाजवादी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता रघु ठाकुर की पुस्तक कोरोना काल के द्वितीय संस्करण का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके और कमलनाथ के बारे में जानबूझकर भ्रामक बाते की जाती है। उन्होंने कहा कि उनका और कमलनाथ का पिछले 40 साल का साथ है और यह साथ आगे भी बना रहेगा। हम दोनों को कोई अलग नहीं कर सकता।
दिग्विजय सिंह ने केन्द्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना के मामले में सिर्फ झूठी वाहवाही लेने और समस्या से मुंह मोड़ने का काम किया है।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी को लेकर देश का नेतृत्व बिल्कुल गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो देश में लॉकडाउन लगने से पहले ही उन्होंने कोरोना वायरस संकट को लेकर जनवरी में ही आगाह किया था। लेकिन उस समय के विपक्ष के नेता कोरोना को गंभीरता से लेने के बजाय इसे कमलनाथ का "डरो ना" कह रहे थे। कोरोना पर पुस्तक लिखकर और इसके राजनीतिक और व्यापारिक संदर्भों का भी उल्लेख करके रघु ठाकुर ने बहुत उल्लेखनीय कार्य किया है।
पुस्तक के लेखक रघु ठाकुर ने कहां की कमलनाथ और दिग्विजय सिंह कांग्रेस पार्टी के राम और लक्ष्मण हैं। कांग्रेस के नेताओं ने हमेशा से असहमति को स्थान दिया है। ठाकुर ने कहा कि कमलनाथ ने सबसे बड़ा काम यह किया था कि लॉकडाउन शुरू होने से पहले ही मध्य प्रदेश के लोगों को 6 महीने का अग्रिम राशन दे दिया था। यह उनकी प्रशासनिक कुशलता का शानदार उदाहरण है।
पुस्तक की चर्चा करते हुए ठाकुर ने कहा इस पुस्तक में कोरोना से जुड़े कारोबार की भी विस्तार से चर्चा की गई है। इस बात की भी पड़ताल की गई है कि आखिर क्या वजह है कि कोरोना में लगे लॉकडाउन से गरीबों की आमदनी तो बहुत कम हो गई लेकिन देश के चंद बड़े सेठ और ज्यादा अमीर हो गए।