सार
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 7 मार्च सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से होगी। सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें सत्र के सुचारु संचालन को लेकर चर्चा हुई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 7 मार्च सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से होगी। सत्र के शुरू होने से एक दिन पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें सत्र के सुचारू संचालन को लेकर चर्चा हुई। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ उपस्थित थे।
संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बैठक में सदन को सुचारु चलाने पर सहमति बनी है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने कहा कि गाय की मौत, फसल बीमा समेत कई मुद्दों पर हम सदन में चर्चा कराना चाहते है, जिनको सदन में उठाएंगे। सत्र से पहले कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होगी। जिनमें सदन में चर्चा कराने वाले मुद्दों पर विचार किया जाएगा। बजट सत्र के दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव भी हो सकता है।
बता दें मध्य प्रदेश की 15वीं विधानसभा की बैठकों की सामान्य सूची के अनुसार बजट सत्र 7 मार्च से 25 मार्च तक आयोजित होगा। इसमें 13 बैठकें होगी। बजट सत्र की शुरुआत 7 मार्च को सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से होगी। इसमें सरकार के एक साल के काम और आगामी वित्तीय वर्ष का रोडमैप रखा जाएगा। इसके अगले दिन 8 मार्च और 10 मार्च को अभिभाषण पर चर्चा कराई जाएगी। वहीं, 9 मार्च को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा विधानसभा में वर्ष 2022-23 का बजट प्रस्तुत करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सर्वदलीय बैठक के बाद मीडिया से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आज सर्वदलीय बैठक में हमने कहा कि जो विधानसभा का लक्ष्य है, वह पूरा हो, शांति से विधानसभा का सत्र चले, सभी महत्वपूर्ण विषयो व मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा हो, विपक्ष की बातों को गंभीरता से सुना जाए, सरकार हमारे सवालों का जवाब दे। बहुत सारे मुद्दे हैं जिन पर हम इस सत्र में चर्चा करेंगे। जैसे गौमाता की निरंतर हो रही मौतों का मामला हो, गौशालाओं की वर्तमान हालात का मुद्दा हो, पेंशनर्स का मुद्दा हो, किसानों का मुद्दा हो, खाद-बीज, मुआवज़े, फसल बीमा की बात हो, बेरोज़गारी का मुद्दा हो, कई ऐसे जनहितैषी मुद्दे हैं, जिन्हें हम सदन में ज़ोर-शोर से उठाएंगे। विधानसभा उपाध्यक्ष को लेकर हम हमारी विधायक दल की बैठक में चर्चा करेंगे।