मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने बजट 2022-23 को पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। बुधवार को विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा। बजट में सभी वर्गों को साधने की तैयारी की गई है।
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने बजट 2022-23 को पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है। बुधवार को विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा। बजट में सभी वर्गों को साधने की तैयारी की गई है।
चाइल्ड बजट का नवाचार
सरकार पहली बार चाइल्ड बजट लेकर आ रही है। पूरक पोषण आहार हो या फिर छात्रवृत्ति, बच्चों के लिए सरकार कई कदम उठाती है। इसमें बच्चों से संबंधित 19 विभागों की योजनाएं और उनकी जरूरत के प्रावधानों का एक जगह जिक्र होगा।
किसानों के लिए बड़े लक्ष्य
ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार ने बीजेपी विधायकों से 15-15 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव लिए है। इसका प्रावधान बजट में होगा। सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर ध्यान दे रही है। गांव की छोटी छोटी सड़कों के निर्माण पर जोर है। नर्मदा एक्सप्रेस वे और चंबल एक्सप्रेस वे की जमीन अधिग्रहण के लिए राशि का प्रावधान बजट में किया गया है।
आदर्श ग्राम में 200 नए गांव जुड़ेंगे
इसके अलावा बजट में सरकार इस बार आदर्श ग्राम योजना में 200 गांव को जोड़ने जा रही है। यहां पर विकास के लिए बजट में अलग से प्रावधान किया जा जाएगा। साथ ही सरकार अमृत योजना फेस- 2 में 40 नगरीय निकाय को ले रही है। यहां पर विकास के लिए अलग से बजट में प्रावधान किया जा सकता है।
लाडली लक्ष्मी 2.0 का मसौदा तैयार
महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। इसमें लाडली योजना की बेटियों को कॉलेज में प्रवेश लेने पर 25 हजार रुपये देने का प्रावधान है। इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले की ऐलान कर चुके है। इसके अलावा कॉलेज में पढ़ाई की फीस का खर्च, लाडली ग्राम पंचायतों का चयन कर उनको पुरस्कृत करने का भी प्रावधान भी लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 में है। इसका बजट में प्रावधान हो सकता है।
पंचायतों को एनओसी देने का अधिकार
सरकार ग्रामीण इलाकों में उद्योग एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों को एनओसी देने का अधिकार उपलब्ध कराएगी। इसके लिए अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव बजट सत्र में पेश किया जा सकता है। इसका उद्देश्य निवेश बढ़ा कर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
स्वास्थ्य के बजट में होगी बढ़ोतरी
15वें वित्त आयोग के वित्तीय वर्ष 2022-26 के लिए बनी रिपोर्ट में सभी राज्यों को सलाह दी है कि वे अपने सालाना बजट का 8 प्रतिशत स्वास्थ्य को दे। रिपोर्ट में कहा गया है कि हेल्थ सेक्टर पर खर्च को बढ़ाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। इस बार सरकार स्वास्थ्य के बजट में बढ़ोतरी कर सकती है। ग्रामीण इलाकों के प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर सरकार निर्णय ले सकती है।
स्वरोजगार के लिए भी राशि
बेरोजगार को रोजगार के लिए स्वरोजगार की योजनाओं के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें सरकार कम ब्याज पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऋण उपलब्ध कराएंगी।
बजट में यह भी
सरकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शुरू कर नए स्थालों को जोड़ने के लिए बजट में प्रावधान कर सकती है। राम वन गमन पथ निर्माण न्याय गठन करने के लिए बजट दे सकती है। इसके अलावा बजट में ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की मूर्ति स्टेच्यू ऑफ वेलनेस, महाकाल मंदिर परिसर के कायाकल्प के लिए बजट में प्रावधान कर सकती है।
प्रदेश सरकार कर्ज में डूबी
रकार का 2022 का बजट ढाई लाख करोड़ के आसपास होने का अनुमान है। इससे ज्यादा सरकार पर 2 लाख 53 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। सरकार ने बजट पेश करने के कुछ दिन पहले ही 2 हजार करोड़ रुपए का लोन लिया है। प्रदेश के बजट का 52 प्रतिशत हिस्सा वेतन भत्ते, पेंशन और ब्याज देने पर खर्च होता है।