मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन लागू करने का मसला एक सियासी मुद्दा बन गया है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन लागू करने के बाद कांग्रेस ने अब मध्य प्रदेश में भी यह योजना लागू करने की मांग की है। विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में विधायकों ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग की और सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना लागू होने से साढ़े सात लाख कर्मचारियों को लाभ होगा।
विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ की सरकारों ने लाखों कर्मचारियों के पक्ष में इस योजना को बहाल किया है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि योजना से प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। पड़ोसी राज्यों में पुरानी पेंशन स्कीम लागू होने के बाद प्रदेश में भी इसकी बहाली की मांग तेज हो गई है। प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने 13 मार्च को भोपाल में प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसकी प्रशासन ने अनुमति निरस्त कर दी थी। कर्मचारियों ने जिला स्तर पर डीएम और जनप्रतिनिधियों को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा था। कमलनाथ के साथ ही सत्ता पक्ष के विधायक भी पुरानी पेंशन योजना लागू करने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा था कि प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना की बहाली के संबंध में अभी सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है।