संस्था संचालकों को फटकार लगाते राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष।
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मध्यप्रदेश के कटनी में बच्चों से जोर-जबर्दस्ती कर ईसाई प्रार्थना करवाने का मामला सामने आया है। बच्चों ने इसकी शिकायत की है। मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने संबंधितों को फटकार लगाई और जांच की बात कही। कुछ अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें पूरा मामला कटनी जिले के झिंझरी इलाके का है, जहां लंबे समय से एससी-एसटी के बच्चों को स्कूल में खेल से लेकर पढ़ाई-लिखाई में परेशान करते हुए क्रिश्चिन प्रार्थना करवाने का दबाव डाला जाता था। सोमवार को कटनी पहुंचे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो से बच्चों ने शिकायत की थी। कानूनगो ने कहा कि बच्चों ने बताया था कि उनका मन नहीं होने पर भी जबरदस्ती प्रार्थना करवाई जाती थी। दवाईयां नहीं दी जातीं, खेल गतिविधियाों में शामिल नहीं होने दिया जाता था। दीपावली के दिन भी जोर देकर ईसाई प्रेयर करवाई जाती थी। ये सीधा-सीधा धर्मांतरण का मामला है। हम इसे लेकर एफआईआर करवा रहे हैं। वहीं संस्थान को विदेशी फंडिंग मिलने के संकेत भी मिले हैं।
आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया कि मिशनरी संस्था आदिवासी और एससी-एसटी बच्चों को ईसाई प्रेयर के लिए प्रेरित करती थी, ये मामला धर्मांतरण का है। जिले के झिंझरी इलाके की मिशनरी संस्था बताई गई है, जहां चार नाबालिग बच्चों को परेशान किया जाता था। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो कटनी में ही रुक गए हैं और जांच में शामिल होने की बात कही है। कानूनगो का कहना है कि कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। हमारे यहां आने की जानकारी पहले सी लीक कर दी गई। हम संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई करवाएंगे।