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अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: इंदौर सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए कार्यक्रम, कृष्णा मिश्रा ने कहा- नारायण दिवस के रूप में मनाएं ये दिन

Fri, 03 Dec 2021 09:38 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

मेंटर कृष्णा मिश्रा ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के मौके पर इंदौर सेंट्रल जेल में दिव्यांग कैदियों को लिए आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें प्रोत्साहित किया और इस दिन को 'नारायण दिवस' के रूप में मनाने की अपील की। कार्यक्रम में कैदियों को गर्म कपड़े भी वितरित किए गए। 
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इंदौर सेंट्रल जेल में कृष्णा मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आज यानी तीन दिसंबर को दिव्यांगों के संघर्षों को समर्पित अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस है। इस मौके पर मध्यप्रदेश की इंदौर सेंट्रल जेल में दिव्यांग कैदियों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां मेंटर और गुरु कृष्णा मिश्रा ने कैदियों को संबोधित किया और आस्था बनाए रखने पर जोर दिया। 

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खुद दिव्यांगता का सामना करने वाले मिश्रा ने कैदियों को अपनी जीवन यात्रा के बारे में बताते हुए उन्हें आस्था का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जब हमारा संघर्ष पूरा होने वाला होता है तब हम अक्सर उम्मीद खो देते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू दर्शन में आस्था और एस्ट्रो हीलिंग के जरिए मैं अच्छा महसूस करता हूं।

नारायण दिवस के रूप में मनाएं आज का यह दिन
डिवाइन एस्ट्रो हीलिंग के संस्थापक मिश्रा ने कहा कि हम हर स्थिति से वापस आ सकते हैं, उसी तरह जैसे मैंने पैरालिसिस से ग्रसित होने के बाद किया। हर इंसान में भगवान है। सब कुछ कर्म पर निर्भर है। उन्होंने सबसे इस दिन को आज से नारायण दिवस के रूप में मनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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दिव्यांग कैदियों को पहनाया गया आत्मशक्ति का हार
इस कार्यक्रम में 40 से अधिक दिव्यांग कैदियों ने हिस्सा लिया और सभी को आत्मशक्ति का हार पहना कर सम्मानित किया गया। मिश्रा ने कहा कि हर इंसान ने अपने आप को दिव्यांग बना रखा है। उन्होंने कहा कि आप शरीर से दिव्यांग हैं लेकिन काम, क्रोध, लोभ, अहंकार की विकलांगता से आप जेल में आए।

अर्जुन अवार्ड विजेता सत्येंद्र लोहिया ने भी की शिरकत
मिश्रा ने कैदियों से कहा कि आपको अपनी डिसेबिलिटी को एबिलिटी में बदलना है। एक-दूसरे की आपस में मदद कर एक-दूसरे के हाथ-पैर बनना है। इसके साथ ही कार्यक्रम में मौजूद रहे अर्जुन अवार्ड विजेता दिव्यांग सत्येंद्र लोहिया ने भी कहा कि अगर मन से ठान लिया जाए तो दुनिया में कुछ भी मुश्किल नहीं है।

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