शहिद के बेटे को राष्ट्रीय ध्वज सौंपते अधिकारी
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जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सड़क हादसे में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान मुकेश प्रजापति का गुरुवार को मंदसौर जिले की गरोठ तहसील स्थित पैतृक ग्राम बानियाखेड़ी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी, परिवारजन और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में मौजूद थे।
मुकेश प्रजापति सीआरपीएफ की 52वीं बटालियन में तैनात थे और किश्तवाड़ा में ड्यूटी कर छुट्टी पर अपने घर लौट रहे थे। मंगलवार को उधमपुर जिले के जखानि-चेनानी के निकट एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में उनकी बस रोड पर खड़े अन्य वाहन से टकरा गई। इस हादसे में मुकेश प्रजापति सहित तीन अन्य लोगों की मौत हो गई।
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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सभी शवों को उधमपुर जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा गया। मुकेश प्रजापति का शव हवाई मार्ग से उदयपुर लाया गया और वहां से सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव बानियाखेड़ी पहुंचाया गया।
मुकेश प्रजापति सीआरपीएफ में 20 साल सेवा पूरी कर चुके थे। उनका परिवार हाल ही में खुशियों में था। नवंबर में उनके दो बेटों शुभम और गुलशन की शादी हुई थी। उनके पीछे पत्नी संतोष बाई और बुजुर्ग माता-पिता हैं, जो हादसे के बाद सदमे में हैं। शहीद मुकेश के पिता रामगोपाल प्रजापति ने कहा कि उनके पुत्र का बलिदान क्षेत्रवासी हमेशा याद रखेंगे।