मंदसौर में एक युवक के अपहरण की कहानी सुलझने के बजया उलझती जा रही है। पुलिस पीड़ित के बयान के आधार पर किसी भी नतीजे पर पहुंच नहीं पा रही है। बड़ी बात यह कि बयान के आधार पर पुलिस जांच करने की स्थिति में भी नहीं आ पा रही है और ना ही पुलिस को जांच की कोई दिशा ही मिल पा रही है।
दरअसल युवक यशवंतसिंह पुलिस को बापच्या के पास घायल अवस्था में मिला था। पुलिस उसको उपचार के लिए शामगढ़ अस्पताल ले गई। यहां उपचार के बाद जब पुलिस ने युवक से पूछा कि वास्तव में हुआ क्या था, तब युवक ने बताया कि शनिवार जब वह अपने खेत पर ट्रैक्टर चला रहा था तब खेत में छह व्यक्ति उसके सामने आए।
उन्होंने अपने मुंह ढंक रखे थे। यहां तक कि उनके हाथ भी दस्तानों से ढंके हुए थे। उन्होंने उसे कॉलर पकड़ कर नीचे उतारा और उससे बोला कि अपने घर फोन लगाकर 50 हजार रुपए मंगवा। इसके बाद उन लोगों ने उसकी टीशर्ट से ही उसकी आंखें और मुंह बांध दिया और उसे करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलाते हुए ले गए। इसके बाद वह बेहोश हो गया। पुलिस युवक के इस बयान की पुष्टी करने में लगी है।
ये है कहानी
शनिवार शाम करीब सात बजे ग्राम बनी के पूर्व सरपंच चंदरसिंह के पुत्र यशवंतसिंह का अज्ञात लोगों ने उसके खेत से अपहरण कर लिया। इसके बाद लोगों ने एक्सप्रेस वे को जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाइश देकर जाम खुलवा दिया।
घटना के करीब साढ़े तीन घंटे बाद रात करीब साढ़े दस बजे युवक ग्राम बापच्या के पास घायल अवस्था में मिला। पुलिस उसे अस्पताल ले गई और उपचार करवाया। उसके स्वस्थ्य होने पर उसके बयान लिए। अपहरणकर्ताओं ने युवक के एवज में उसके परिजन से 50 हजार रुपए की फिरौती मांगी थी।
बयान की कर रहे हैं पुष्टी
एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने बताया कि युवक ने अपने बयान में घटना कंजरों द्वारा करनी बताई है। उसके बयान की पुष्टी की जा रही हैं और इसी दिशा में जांच की जा रही है। जल्दी ही मामले का खुलासा होगा।