भावगढ़ पुलिस जांच में जुटी है।
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भावगढ़ पुलिस एक नाबालिग से रेप और हत्या के मामले में उदासीन बनी हुई है। ये ही कारण है कि घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस मृतिका की पहचान करने में नाकाम रही है। इतना ही नहीं अपनी नाकामी छिपाने के लिए भावगढ़ थाना प्रभारी मामले में तथ्य तक छिपाने में लगे हुए हैं। अब तक केवल हत्या की बात स्वीकार कर रहे हैं। जबकि अस्पताल सूत्रों की मानें तो चिकित्सकों की टीम द्वारा जो पीएम रिपोर्ट सौंपी है। उसमें बालिका के प्राइवेट पार्ट मे सूजन सहित अन्य प्रमुख बातें लिखी हैं। जो सीधे-सीधे बालिका से ज्यादती होने की और इशारा कर रही है।
मामले के अनुसार 27 दिसंबर को भावगढ़ पुलिस ने ग्राम मजेसरा मार्ग पर ढाबे के पास झाड़ियों में बोरे में बंधी बालिका की लाश मिली थी। एसआई बलवीर यादव के अनुसार पुलिस ने मौके पर पहुंचकर देखा तो बालिका के शरीर पर केवल टी-शर्ट था। इसके बाद शव बरामद कर पुलिस ने शिनाख्ती के प्रयास शुरू किए। प्राथमिक तौर पर बालिका के हाथ पर अंग्रेजी में लिखे शब्दों के साथ सोशल मीडिया में फोटो भी वायरल की गई, लेकिन पुलिस को पहचान में कोई सफलता नहीं मिली।
पुलिस ने हत्या का केस जरूर अज्ञात में दर्ज कर लिया है। बस कागजी खानापूर्ति कर पुलिस इतने गंभीर मामले में मानो हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। ये ही कारण है कि थाना प्रभारी घटना से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की बजाय उल्टा मामले को दबाने में लगे हैं।
लगातार बहाने बना रही पुलिस
जानकारों की मानें तो पुलिस को पहले दिन अर्धनग्न हालत में बालिका का शव बोरे में मिला था। तभी हालात बालिका के साथ ज्यादती होने की तरफ इशारा कर रहे थे। खुद पुलिस अधिकारी भी दबी जुबां में ये स्वीकार कर रहे थे, लेकिन पुलिस मर्ग कायम कर जांच करने में लगी रही। इसके बाद ये साफ हो गया कि बालिका की गला घोंटकर हत्या की है तो पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। अब पीएम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है तो अधिकारी मामले को छिपाने में लग गए है।
बालिका की पहचान में लगी है पुलिस टीमें
एसडीओपी कीर्ति बघेल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस टीमें बालिका की पहचान में जुटी हुई है। हमारी पहली प्राथमिकता बालिका की पहचान करना है, इसके बाद ही आरोपी तक पहुंचा जा सकता है।