मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में सरकारी जमीन पर पशुओं को बांधने के लिए शेड बनाने के दौरान हुए विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर तलवार व बंदूक से हमला कर दिया, जिससे एक महिला की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं महिला का ससुर पति व बेटा घायल हो गए जिनका इलाज जारी है।
मंदसौर जिले की गरोठ तहसील के ग्राम ढकनी में शुक्रवार सुबह करीब 9.30 से 10 बजे के बीच दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान गोली लगने से सुगना बाई पति बालाराम (52) की मौत हो गई। वहीं बालाराम (55) को भी हाथ में गोली लगी, जिन्हें मंदसौर जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। मृतक के ससुर रामगोपाल (70) तथा पुत्र सुखदेव (35) घायल हुए हैं। जिनका उपचार गरोठ के शासकीय अस्पताल में जारी है।
पति बलराम ने बताया कि गांव के नरेंद्र सिंह और उसके पिता सहित करीब 20 लोग पांच गाड़ियों में सवार होकर आए और तलवार और बंदूक से हमला कर दिया। इससे मेरी पत्नी सुगना बाई की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सरकारी जमीन पर पशुओं को बांधने के लिए बालाराम द्वारा शेड का निर्माण करवाया जा रहा था। यह बात गांव के ही नरेंद्र सिंह को नागवार गुजरी और उसने अपने परिजनों व अन्य साथियों के साथ हमला कर दिया।
घटना के बाद गुस्साए लोगों ने दोपहर करीब 2:30 बजे गरोठ थाने के सामने मुख्य मार्ग पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। गरोठ एसडीओपी दिनेश प्रजापति ने चक्काजाम कर रहे लोगों को समझाने और महिला का पीएम करवाने की समझाइश दी, लेकिन लोगों ने उनकी एक नहीं सुनी। लोगो का कहना है कि हम पीएम तो करवा देंगे लेकिन हमारा धरना आरोपियों की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने गरोठ नगर के बोलिया, शामगढ़, भानपुरा और खड़ावदा रोड को जाम कर दिया जिससे लोगों को परेशान होना पड़ा।
एएसपी हेमलता कुरील ने बताया कि पीड़ित पक्ष से पूछताछ में हमलावरों में गांव के ही अर्जुन सिंह, नरेंद्र सिंह, जेलर सिंह, प्रताप सिंह के नाम सामने आए है। जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जमीन विवाद को दिया दलित दबंग का रूप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर मंदसौर की घटना को लेकर सरकार को घेरा है। पटवारी ने लिखा कि देखिए मुख्यमंत्री जी, कमजोर कानून-व्यवस्था ने राजगढ़ के बाद अब मंदसौर जिले को भी कलंकित किया है। गरोठ विधानसभा के ढाकनी गांव में भी दबंगों ने दलित परिवार पर हमला किया। हिंसक घटनाक्रम में गोली लगने से एक महिला की मौत हो गई। मध्यप्रदेश के सबसे असफल गृहमंत्री के रूप में दर्ज आपका कार्यकाल एक और 'सरकारी-हत्या' का गवाह बन गया है!