मंदसौर में प्रति मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में अपने पति और दो बच्चों के साथ पहुंची महिला ने जहर खा लिया। महिला के जहर खाते ही कलेक्टर कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। महिला को तुरंत जिला चिकित्सालय लाया गया जहां महिला का इलाज जारी है।
मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र निवासी महिला रामकन्या अपने पति और दो बच्चों के साथ सुशासन भवन में आयोजित जिला स्तरीय जनसुनवाई में पहुंची थी। यहां महिला ने जब अधिकारियों को अपनी समस्या बताई तो अधिकारियों ने उसको साफ मना कर दिया, जिसके बाद महिला ने जहर खा लिया। जिसके बाद जनसुनवाई में हड़कंप मच गया। तत्काल महिला को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया जहां महिला का इलाज जारी है।
एक बार कर्ज चुकाने के बाद ससुर ने दोबारा लिया कर्ज
पीड़ित रामकन्या बाई ने बताया कि उसके ससुर पर तीन लाख का कर्ज था, जिसे उन्होंने अपने दो बेटों में बराबर का बांट दिया था। साल 2018 में दोनों बेटों ने अपना कर्जा चुका दिया। इसके बाद ससुर ने कृषि जमीन को गिरवी रखकर बैंक से चार लाख 74 हजार का कर्ज ले लिया। महिला का कहना है कि उसके पति के हिस्से की जमीन पर भी ससुर ने लोन लिया है।
महिला ने आरोप लगाया कि ससुर छोटे बेटे से ज्यादा लगाव रखते हैं। ऐसे में हमने जो कर्ज चुकाया है, उसका कुछ नहीं होना है। महिला ने कहा कि वह चार महीने से अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। हर बार उसे आश्वासन दिया जाता है, लेकिन आज अधिकारियों ने साफ कह दिया कि आपकी समस्या का समाधान नहीं हो सकता है आपकी परिवारिक समस्या है। आप परिवार में ही हल करो, जिससे आहत होकर महिला ने जहर खा लिया।
गरोठ तहसीलदार किरण गेहलोद ने बताया कि रामकन्या बाई ने आवेदन दिया है, जिसमें उनके ससुर नानूराम बागरी की कृषि भूमि और आवासीय भूमि में एक बटा दो हिस्सा करने की मांग की है। नानूराम ने एक इकरारनामा लिखा है, 2020 में जिसमे संपूर्ण भूमि के तीन हिस्से किए हुए हैं। इसमें एक हिस्सा नानूराम का और दो हिस्से अपने दोनों बेटों के नाम के लिख रखे हैं। जबकि रामकन्या का कहना है कि हमें आधी जमीन चाहिए।
रामकन्या के बास गरोठ आबादी क्षेत्र में पीएम आवास भी है। ग्राम फुलखेड़ा में भी नानूराम की कृषि भूमि है उसमें भी रामकन्या और उसके पति राधेश्याम एक बटा दो हिस्सा करने की मांग कर रहे है जबकि अभी वर्तमान में भूमि स्वामी के रूप में नानूराम का नाम दर्ज है। और वह स्वयं मालिक है। हमारे तहसील कार्यालय में नानूराम द्वारा बंटवारे संबंधी कोई आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है। रामकन्या बाई का कहना है कि नानूराम ने जो केसीसी लोन ले रखा है उसको भरवाया जाए और हमारे हिस्से की जमीन को बंधन मुक्त करवाया जाए।