जिंदा बेटी का गोरनी कार्यक्रम करते परिवार के सदस्य।
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मंदसौर में एक जीवित युवती को मृत मानकर परिजनों ने उसका गोरनी का कार्यक्रम आयोजित किया। इतना ही नहीं समाजजनों और रिश्तेदारों को आमंत्रित करने के लिए परिजनों ने बकायदा शोक पत्रिका भी छपवाई। परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पूर्व हमारी लड़की बिना बताए घर से चली गई और उसने प्रेम विवाह कर लिया। पुलिस उसको वापस लेकर आई तो उसने परिजनों को पहचानने से इनकार कर दिया। यही कारण है कि हमने भी उसको मृत मानकर उसका हिंदू रीति रिवाज के अनुसार गोरनी का कार्यक्रम आयोजित किया है।
मंदसौर जिले के सीतामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम दलावदा निवासी रानू उर्फ सरस्वती दिनांक 12 नवम्बर को घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। लड़की के घर से चले जानी की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी, जिसके बाद थाने पर गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि युवती ने प्रेम विवाह कर लिया है। पुलिस जब युवती को तलाश कर सीतामऊ थाने लेकर आई तो युवती रानू ने परिजनों को पहचानने से इनकार कर दिया। साथ ही युवती के पुलिस को अपने बयान में कहा कि मैंने अपनी मर्जी से शादी कर ली है। मेरा मेरे परिजनों से कोई वास्ता नहीं है। इसके चलते युवती के परिजनों ने युवती को मृत मानकर उसकी गोरनी का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में करीब 300 लोग शामिल हुए। परिजनों ने गोरनी के कार्यक्रम में रिश्तेदारों को आमंत्रित करने के लिए बकायदा शोक पत्रिका भी छपवाई।
बहन बेटी के घर से भागने पर परिजनों को होना पड़ता है शर्मिंदा
युवती रानू के भाई ने कहा कि मेरी बहन बिना बताए घर से चली गई थी। बाद में हमें पता चला कि उसने प्रेम विवाह कर लिया है। युवती के भाई ने कहा कि यह कार्यक्रम आयोजित करने का एक ही उद्देश्य है कि कोई भी बहन अपने भाई व परिजनों के साथ ऐसा न करे। बहन बेटी अपने परिवार की इज्जत का भी ख्याल रखे। बहन बेटी के घर से भागकर शादी करने पर परिजनों को शर्मिंदगी का सामान करना पड़ता है।