पुलिस ने आरोपी हर्षुल जैन को किया गिरफ्तार
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मंदसौर में लोकनिर्माण विभाग के इंजीनियर कमल जैन के बेटे हर्षुल जैन द्वारा खुद के अपहरण की साजिश रचकर अपने पिता से 50 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। हर्षुल ने अपने दोस्त गणपत सिंह से पिता को फोन लगवाकर यह योजना अमल में लाई, ताकि वह कर्ज का भुगतान कर सके। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य साथी फरार हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सात टीमों का गठन
गुरुवार को हर्षुल के मोबाइल से आई फिरौती कॉल के बाद मामला गंभीर मानते हुए एसपी विनोद कुमार मीणा ने 7 पुलिस टीमों का गठन किया। एसडीओपी गरोठ दिनेश प्रजापति और मल्हारगढ़ एसडीओपी नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में टीमें अलग-अलग इलाकों में रवाना की गईं।
राजस्थान के कई जिलों में पहुंची पुलिस, सुराग मिला दोस्त गणपत से
पुलिस टीमों ने कोटा, बूंदी, हिंडोली सहित राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि हर्षुल का सबसे करीबी मित्र गणपत सिंह हाडा उसी के साथ कोटा में रहता था। मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर पुलिस ने गणपत को अभिरक्षा में लिया, जिसके बाद पूरे मामला खुल गया।
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कर्ज चुकाने के लिए दोस्तों के साथ रची साजिश
गणपत ने पूछताछ में बताया कि हर्षुल पर काफी कर्ज था। इसी दबाव में हर्षुल ने गणपत, जनरेल सिंह (बालोला) और कुलदीप कहार (अमरतिया) के साथ मिलकर अपहरण का नाटक रचा। योजना के तहत हर्षुल को गायब दिखाकर उसके घरवालों से 50 लाख रुपये की फिरौती लेकर आपस में बांटने की योजना बनाई गई थी।
दो आरोपी फरार, पुलिस की तलाश जारी
पुलिस ने हर्षुल जैन और गणपत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं जनरेल सिंह और कुलदीप कहार फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। एसपी मीणा ने बताया कि यह पूरा मामला एक झूठे अपहरण और फिरौती की साजिश का है, जिसे पुलिस ने समय रहते उजागर कर दिया।
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