महू-नीमच फोरलेन मार्ग स्थित गुराड़िया बालाजी चौराहा के पास शुक्रवार-शनिवार की रात मार्बल स्टोन से भरा ट्रक पलट गया। हादसे में मार्बल के नीचे दबाने से ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो लोग दबाने से गंभीर घायल हो गए, जिन्हें 6 घंटे से अधिक समय तक रेस्क्यू के बाद बचा लिया गया। दोनों घायलों का जिला चिकित्सालय में उपचार जारी है।
मंदसौर के वाय डी नगर थाना प्रभारी संदीप मंगोलिया ने बताया कि शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 2:30 बजे महू-नीमच फोरलेन मार्ग पर नीमच की ओर से रतलाम तरफ जा रहा मार्बल से भरा ट्रक गुराडिया बालाजी चौराहा के समीप अनियंत्रित होकर पलटी खा गया। हादसे में मार्बल के नीचे दबाने से ट्रक चालक अभय सिंह पिता खुमान सिंह राजपूत उम्र 20 वर्ष, निवासी कांडरवासा थाना नामली जिला रतलाम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ट्रक सवार दो अन्य व्यक्ति दीपक पिता दशरथ बैरागी उम्र 23 वर्ष निवासी बिलांत्रि और राज पिता जुझार लाल उम्र 19 वर्ष निवासी कांडरवासा केबिन और मार्बल के बीच दब गए।
सूचना पर फोरलेन मार्ग रेस्क्यू टीम, थाना वाय डी नगर और मुल्तानपुरा चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रात करीब तीन बजे केबिन में मार्बल के बीच फंसे दोनों व्यक्तियों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। सुबह 9:30 बजे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों घायल व्यक्तियों को बाहर निकाला गया, जिन्हें जिला अस्पताल भर्ती करवाया गया है।
वाय डी नगर थाना प्रभारी संदीप मंगोलिया ने बताया कि ट्रक के केबिन और मार्बल के बीच फंसे दोनों दोनों व्यक्तियों को बचाने के लिए स्थानीय लोगो के साथ रात 3 बजे रेस्क्यू शुरू किया गया। मार्बल को हटाने के लिए मौके पर जेसीबी और क्रेन भी बुलवाई गई। इससे भी बात नहीं बनी तो समाजसेवी नाहरू भाई को गैस कटर लेकर मौके पर बुलवाया गया। जिसके बाद रात 3 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह 9:30 बजे खत्म हुआ।
घटना स्थल पर मौजूद अनवर हुसैन ने बताया कि हम बायपास स्थित दुकान के बाहर सो रहे थे। रात के 2:25 बजे अचानक से एक तेज आवाज आई, देखा तो ट्रक रगड़ाते हुए जा रही थी। हम भागकर गए तो अंदर तीन लोग मार्बल के बीच फंसे हुए थे जिसके बाद हमने पुलिस को सूचना दी।
मार्बल के बीच फंसे दोनों व्यक्तियों को बचाने के लिए पुलिस ने डॉक्टर की टीम को भी मौके पर बुलवा लिया था। डॉक्टर की टीम ने दोनों गंभीर घायलों को जिंदा रखने के लिए दोनों को ऑक्सीजन और दवाएं देकर उपचार किया। जबतक दोनों घायलों को रेस्क्यू नहीं कर लिया तब तक डॉक्टरों की टीम मौके पर डटी रही।